हाईवे के इसी स्थान पर हुआ था हादसा, फिर भी निर्माणाधीन लेन के पास नहीं कराई गई बैरिकेडिंग। संवा
- फोटो : धर्मेंद्र त्यागी
उझानी। बरेली-मथुरा हाईवे पर गांव फूलपुर और बुटला बोर्ड के पास दो ट्रैक्टरों के बीच रेस के दौरान ई-कार्ट सवार लोगों में छह महिलाओं की मौत के बाद भी एनएचएआई ने निर्माणाधीन स्थलों के आसपास दूसरे दिन भी बैरिकेडिंग नहीं कराई है और न ही किसी प्रकार का कोई संकेतक लगवाया। अधिकारियों ने घटनास्थल पर सुरक्षा इंतजाम करने के लिए कोई जहमत नहीं उठाई।
बृहस्पतिवार की दोपहर करीब एक बजे उझानी से चलकर गांव फूलपुर तक निर्माणाधीन हाईवे पर गौर किया गया तो चार-पांच स्थानों पर मक्का तो फैली नजर आई, लेकिन कहीं पर ऐसा कोई संकेतक नहीं दिखाई दिया, यही कारण है कि हादसा बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि अभी तक डिवाइडर भी नहीं बना है, लेकिन वाहनों को निर्माणाधीन लेन से बचाकर निकालने के लिए आसपास बैरिकेडिंग कराई गई। लाल संकेतक भी कहीं पर लगे नजर नहीं आए। कछला से बदायूं की ओर जा रहे बाइक सवार सुरेंद्र ने बताया कि एनएचएआई को खतरनाक प्वाइंटों के आसपास बैरिकेडिंग जरूर करानी चाहिए। इससे हादसों पर भी अंकुश लगेगा। वहीं, आरटीओ प्रवर्तन प्रणव झा ने बुधवार को हादसे के बाद मौका मुआयना के दौरान इसे लेकर सवाल उठाया था। उन्होंने कहा था कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए कार्यदायी संस्था को बैरिकेडिंग करानी चाहिए थी। संवाद