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न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा, पर बार-बार तारीख देना सही नहीं

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बदायूं। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड के गुनाहगारों की फांसी तीसरी बार भी टल गई। पटियाला हाउस कोर्ट ने एक दोषी की दया याचिका राष्ट्रपति के समक्ष लंबित होने के चलते तीन मार्च को दी जाने वाली फांसी पर अगले आदेेश तक रोक लगा दी। दुष्कर्मियों को बार- बार मिल रही राहत से आधी आबादी में खासी नाराजगी है। हालांकि उनका कहना है कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है, लेकिन तारीख पर तारीख देकर अपराधियों को समय खराब करना सही नहीं है। इसको लेकर कुछ छात्राओं और महिला अधिवक्ताओं से बात की गई तो उन्होंने अपनी राय व्यक्त की।
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भारतीय न्याय व्यवस्था पर मुझे पूरा भरोसा है। सबको अपनी बात कहने का और न्यायिे उपचार प्राप्त करने का अधिकार है। बहुत जल्द दोषियों को फांसी देकर भारतीय न्याय व्यवस्था अपनी विश्वसनीयता को स्थापित करेगी। - सावित्री पांडेय, छात्रा
ऐसे में अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। त्वरित न्याय व्यवस्था अपने देश में होनी चाहिए। न्याय में देरी होने से आम जनता हतोत्साहित होती है, विशेषकर नारी समाज आज बहुत डरा और सहमा हुआ है। - तनुजा अटल, छात्रा
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नारी सशक्तीकरण के इस युग में आए दिन हो रहे दुष्कर्म कहीं न कहीं हमारी व्यवस्था की शिथिलता को उजागर करते हैं। न्यायपालिका से ही एकमात्र उम्मीद है, ऐसे में अब इसमें देरी नहीं होनी चाहिए। - सौंदर्या, छात्रा
अब सब्र का बांध टूट रहा है। निर्भया कांड के समस्त दोषियों को जितनी जल्द हो सके फांसी दे दी जाए। वरना एक जन आंदोलन खड़ा होगा जिसमें आधी आबादी सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। - जया पाल, छात्रा
निर्भया कांड के दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन एक दोषी ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दी है, जिस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। बहुत जल्द पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। - प्रेमवती मौर्य, अधिवक्ता
दया याचिका लंबित होने की वजह से कोर्ट इस मामले में अपना फैसला नहीं सुना पाया है। इससे फांसी में देरी हो रही है, लेकिन पीड़ित परिवार को न्याय अवश्य मिलेगा। इसका मुझे पूरा विश्वास है। - वर्तिका यादव, अधिवक्ता
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