बदायूं में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नीलकंठ महादेव मंदिर बनाम जामा मस्जिद मामले में अगली सुनवाई की तारीख 28 मई तय की है। जज ने कहा कि इस मामले में बहस व फैसला लेने से पहले पत्रावली को देखने के लिए समय की जरूरत है।
बदायूं के फास्ट ट्रैक कोर्ट में सोमवार को नीलकंठ महादेव मंदिर बनाम जामा मस्जिद मामले की सुनवाई हुई। हाल में ही अदालत का कार्यभार संभालने वाले न्यायाधीश ने पत्रावलियों का अवलोकन करने के चलते मामले की अगली सुनवाई 28 मई नियत की है।
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सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक की अदालत में चल रहे नीलकंठ महादेव मंदिर बनाम जामा मजिस्द के मामले में सोमवार को सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुनवाई की अगली तारीख 28 मई नियत की है। हाल में ही अदालत के कार्यभार संभालने वाले न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने अभी इस मामले के दस्तावेजों की समीक्षा नहीं की है। इस वजह से इस मुकदमे में बहस व फैसला लेने से पहले पत्रावली को देखने के लिए समय की जरूरत है। मंदिर पक्ष के अधिवक्ता वेद प्रकाश साहू का कहना है कि पत्रावली का अवलोकन के बाद अदालत तय करेगी कि बहस को फिर से शुरू किया जाए या फिर जहां तक बहस हुई है। वहां से बहस को आगे बढ़ा जाए।
बता दें कि अखिल भारत हिंदू महासभा की ओर से मुकेश पटेल ने कोर्ट में वाद दायर किया था। जिसमें दावा किया था कि शहर की जामा मस्जिद शम्सी पूर्व में राजा महीपाल का किला था। मस्जिद के परिसर में नीलकंठ महादेव का मंदिर था। वहीं, जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी का तर्क है कि वहां मंदिर का कोई अस्तित्व नहीं है। बहस का मुद्दा यह है कि मामला सुनवाई योग्य है अथवा नहीं।