बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी से ही नए सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसमें नामांकन और शिक्षा की गुणवत्ता पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इतना ही नहीं बच्चों के ठहराव को चल रही योजनाओं के भी सुचारू क्रियान्वयन को समस्त बीईओ को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
शासन छह से 14 वर्ष तक के बच्चों की शिक्षा के लिए गंभीर है। लिहाजा समय-समय पर शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार और योजनाओं को सहीं से संचालित करने के लिए निर्देश भी जारी किया जाता रहता है। बावजूद इसके करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी गुणवत्ता और नामांकन का जो आउटपुट आना चाहिए वह नहीं आ पाता है। विभागीय जानकारों ने बताया कि नए सत्र में इसमें और अधिक सुधार करने से उद्देश्य से अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बताते हैं कि एमडीएम की जानकारी जहां नए रजिस्ट्रर में दर्ज कराने के लिए पहले ही निर्देश आ चुके हैं। वहीं अब शैक्षिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की जिम्मेदारियां भी बढ़ाए जाने पर विचार किया जा रहा है। जानकार बताते हैं कि नए सत्र में शिक्षकों को गुणवत्ता के अलावा नामांकन पर ध्यान देने पर भी जोर दिया जाएगा। समय-समय पर निरीक्षण किए जाएंगे, सभी बीईओ भी निर्देश जारी किए जा रहे हैं। बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने बताया कि नए सत्र के लिए गुणवत्ता सुधार और योजनाओं का सुचारू रूप से क्रियान्वयन को रणनीति बनाई जा रही है। निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि बच्चों का विकास ढंग से हो सके।