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होली पर बाजार में आ रहा नेपाली तेल...सोचकर समझकर करें खरीददारी

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बदायूं। होली पर मिलावटखोरी का बाजार वैसे भी गर्म हो जाता है। तमाम पकवान बनाने के लिए तेल का प्रयोग किया जाता है, लेकिन अब सस्ते तेलों के बाजार में नेपाली तेल ने भी अपनी पैठ बना ली है। इस तेल की क्वालिटी क्या है, सेहत को कितना नुकसानदायक है, इसके बारे में खाद्य विभाग के अफसर भी अनजान हैं। पिछले दिनों खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कुछ जगहों पर इस तेल को बिकते हुआ पाकर इसके सैंपल भरे थे, जिसकी जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है।
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जिले में मिलावट का खेल पूरे साल चलता रहता है। मगर त्योहारों के नजदीक आते ही बाजारों में मिलावट का खेल बड़े पैमाने पर शुरू हो जाता है। मुनाफाखोर कमाई के लालच में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं। इस बार मुनाफाखोरों ने सरसों के तेल/ रिफाइंड सोयाबीन ऑयल को भी अपना निशाना बनाया है। मिलावटखोर यहां तैयार होने वाले तेल में तो मिलावट करते ही हैं, साथ ही उन्होंने पड़ोस देश नेपाल से भी सरसों का तेल/ रिफाइंड सोयाबीन ऑयल मंगाया गया है। यह चीजें तब सामने आयी जब खाद्य विभाग की टीम ने पिछले दिनों जिले में छापा मारा। उस दौरान टीम ने उझानी में एक दुकान से नेपाली तेल बरामद किया। उसका सैंपल लेकर जांच को भेजा था। वहीं 14 फरवरी को शहर के बिरुआवाड़ी मंदिर के पास दो दुकानों पर नेपाली ब्रांड रिफाइंड सोयाबीन ऑयल मिला। इस पर उन्होंने यहां से नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे है, साथ ही तेल को सील कर दिया था।
अमृत ब्रांड के नाम से है रिफाइंड सोयाबीन ऑयल
नेपाल का जो तेल बदायूं में मिला है, यह अमृत ब्रांड रिफाइंड सोयाबीन ऑयल के नाम से है। काफी मात्रा में मिले ऑयल का विभाग ने सील कर दिया था। फिलहाल अधिकारी रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहे है।
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रिफाइंड से सस्ता पड़ता है नेपाली तेज
जानकारों के अनुसार बाजार में सरसों तेल और रिफाइंड व्यापारियों को जिस रेट में मिलता है, उससे नेपाली तेल 8-10 रुपये सस्ता पड़ता है, जिसकी वजह व्यापारी इस ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि बाजार में तेल और रिफांइड के जो रेट चल रहे है ये फुटकर ग्राहकों को उसी के हिसाब से ही बिकता है।
त्योहार के मद्देेजनर अभियान चलाया जा रहा है। दो जगह नेपाल ब्रांड को तेल/ रिफाइंड मिला है। ऐसे में उनकी जांच करना आवश्यक है, ताकि इसकी गुणवत्ता का पता चल सकें। इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आई है। रिपोर्ट आने के बाद में ही इसकी क्वालिटी के बारे में कुछ कहा जा सकता है।
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- चंद्रशेखर, अभिहित अधिकारी
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