प्रिया साफ्ट पर वर्ष 2013-14 की वार्षिक पुस्तिका पूरी कराने के लिए पंचायतीराज विभाग के निदेशक द्वारा बार-बार आदेश पारित किए जाने के बाद भी उसका अनुपालन न होने की स्थिति में डीपीआरओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए नौ पंचायत और 17 विकास के ग्राम अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है जब एक ही मामले में एक साथ 26 ग्राम पंचायत और विकास अधिकारियों को एक साथ निलंबित किया गया है।
डीपीआरओ राजेश यादव द्वारा उठाया गया यह अब तक का कठोर कदम है। ग्राम पंचायत अधिकारियों को उन्होंने अपने अधीन होने के कारण निलंबित किया है, वहीं 17 ग्राम विकास अधिकारियों को निलंबन की संस्तुति करके डीडीओ प्रदीप सोम को बढ़ा दी है।
डीपीआरओ द्वारा जिन पंचायत अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उन सभी का संबद्धीकरण किया गया है। जगत, कादरचौक और जगत ब्लाक के सहायक विकास अधिकारियों को इनकी जांच भी दे दी गई है।
ग्राम पंचायत अधिकारी जिनका निलंबन हुआ
सुखराम शाक्य- बिसौली, महीपाल सिंह- दहगवां, लक्ष्मण सिंह-दहगवां, अनुज कुमार-समरेर, वीरपाल सिंह- अंबियापुर, जेएस बिंद्रा-कादरचौक, सुधीर शर्मा-उझानी, मुनीश शाक्य-आसफपुर, शिव कुमार-दहगवां शामिल हैं।
निलंबन सूची में शामिल ग्राम विकास अधिकारी
अशोक कुमार, महेश पाल, चंद्रपाल, अब्दुल मुजीब, सत्यपाल- सहसवान, श्री पाल, नरेश पाल-अंबियापुर, भानु प्रताप, देवेंद्र सिंह-उझानी, राम किशोर-आसफपुर, कृपाल सिंह, दीपमाला-सालारपुर, स्वर्णकेश, ज्ञानचंद्र-इस्लामनगर, देवेंद्र कुमार, अनिल कुमार-बिसौली, चंद्रकांत-दातागंज शामिल हैं।
शासकीय कार्यों में लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। सीमाएं पार होने पर ही यह कठोर निर्णय लिया गया है। शासन के निर्देशों का अक्षरश: पालन किया जाना जरूरी है। आगे भी कठोर फैसले लिए जाएंगे।
- राजेश यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी