पोषण ट्रैकर एप पर फोटों खींचकर सत्यापित करतीं आगनबाड़ी कार्यकर्ता। स्रोत विभाग
बदायूं। बाल विकास विभाग के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब लाभार्थियों को चेहरा प्रमाणीकरण के बाद ही पुष्टाहार दिया जाएगा। वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए पोषण ट्रैकर एप लांच किया गया है। विभाग की तरफ जिले में 30 जून तक लक्ष्य को पूरा करना है, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इसमें लापरवाही बरत रही हैं। इसके चलते डीपीओ ने 70 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया है।
जनपद में 2940 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनके माध्यम से महीने में 2.75 लाख लाभार्थियों को पोषण आहार वितरित किया जाता है। प्रत्येक बच्चे को 1.5 किलो दलिया, 1.5 किलाेग्राम चावल, 2 किलोग्राम चना व 500 ग्राम सोयाबीन का तेल व अन्य खाद्य सामग्री दी जाती है। इन केंद्रों पर अब लाभार्थियों के चेहरे के सत्यापन व ई-केवाईसी के बाद ही पुष्टाहार दिया जाएगा।
वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए यह कवायद शुरू की गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 30 जून तक इस प्रक्रिया को पूरा कराना है, लेकिन अभी तक केवल 20 हजार लाभार्थियों का ही सत्यापन हो सका है। जुलाई से चेहरा प्रमाणीकरण के बाद ही लाभार्थियों को पुष्टाहार का वितरण हुआ करेगा। इसमें लापरवाही बरतने वाली 70 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय रोक दिया गया है।