बदायूं। आवास विकास में स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज में एनसीसी कैडेट्स का आपस में संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें उन्होंने अपने-विचार रखे। कैडेट्स ने बताया कि इसमें सामूहिक गतिविधियों, परेड, प्रशिक्षण शिविर और समाजसेवा कार्यों के माध्यम से नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की कला सिखाई जाती है। जो आज के दौर में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है।
कैडेट्स का कहना है कि इस प्रक्रिया से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है। वे समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने लगते हैं। युवाओं को न केवल शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना, बल्कि उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और मदद करने का जज्बा पैदा करना इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य है। इसी वजह से कैडेट्स को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर और आपदा प्रबंधन जैसी गतिविधियों में भी भागीदारी करवाई जाती है।
मानसिक दृढ़ता भी बढ़ती है
एनसीसी में शामिल होकर मैंने अपने अंदर अनुशासन और आत्मविश्वास को महसूस किया। यहां सिर्फ शारीरिक ताकत ही नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी बढ़ती है। टीम में काम करना सीखकर मैं दूसरों के साथ मिलकर मुश्किल काम आसानी से कर पाता हूं। समाज सेवा के कार्यक्रमों में भाग लेकर दूसरों की मदद करना और खुशी महसूस करना मैंने सीखी। एनसीसी ने मुझे आगे बढ़ने और जिम्मेदारी लेने का जज्बा दिया है। -साधना
समय का पालन करना भी सीखा
एनसीसी में आकर मैंने सीखा कि अनुशासन और समय का पालन करना कितना जरूरी है। टीम में काम करके मैं दूसरों की मदद करना और सहयोग करना भी सीख रही हूं। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है। मुश्किल कामों से डर कम हुआ है। समाजसेवा के कामों में भाग लेकर खुशी महसूस होती है। मुझे लगता है कि मैं समाज के लिए कुछ अच्छा कर पा रहीं हूं। -अनन्या मिश्रा
मानसिक, शारीरिक रूप से बनाया जाता है मजबूत
एनसीसी ने मुझे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाया है। यहां परेड और शिविरों में हिस्सा लेकर मैं नेतृत्व करना और टीम का हिस्सा बनकर जिम्मेदारी लेना सीख रहा हूं। दूसरों की मदद करने का जज्बा अब मेरे अंदर विकसित हुआ है और मुझे लगता है कि यह अनुभव मुझे भविष्य में अच्छे नागरिक बनने में मदद करेगा। -सत्यम यादव
दाेस्तों के लिए प्रेरणा बनना चाहूंगी
स्वच्छता अभियान, समाज सेवा के कामों में हिस्सा लेकर मैंने जाना कि दूसरों की मदद करना कितना संतोषजनक है। एनसीसी में सीखने और काम करने से मुझे अनुशासन, मेहनत और समय का महत्व समझ आया। अब मैं मुश्किलों का सामना ज्यादा हिम्मत से कर सकती हूं। अपने दोस्तों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनना चाहती हूंं। -नेहा शर्मा
सत्यम यादव- फोटो : mathura
सत्यम यादव- फोटो : mathura
सत्यम यादव- फोटो : mathura
सत्यम यादव- फोटो : mathura
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