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Budaun News: 89 अपात्रों के नाम आवास सूची में किए शामिल, तीन अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि, वेतन वृद्धि रोकी

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बदायूं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सर्वे- 2024 में ग्राम पंचायत अलापुर चंदी फाजिल में 89 अपात्रों के नाम शामिल करने के मामले में प्रशासन ने दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। ग्रामीणों की शिकायत पर मामले की जांच विकास खंड स्तरीय त्रिस्तरीय कमेटी से कराई गई थी। जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी सुनील बाबू सक्सेना, ग्राम पंचायत अधिकारी दीपक गुप्ता और सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) चैकर कृष्णपाल सिंह को दोषी पाया गया। प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ वेतन वृद्धि रोकी गई है।
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ग्रामीण अभियंत्रण सेवा और लुघ सिंचाई विभाग के अधिकारियों की जांच टीम ने अलापुर चंदी फाजिल में मौके पर जाकर स्थलीय जांच की तो जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। 162 लाभार्थियों की सूची में से 73 लाभार्थी ही आवास के लिए पात्र मिले थे, जबकि 89 लाभार्थी अपात्र निकले। कई दिनों तक चली जांच के बाद रिपोर्ट जिला मुख्यालय पर सीडीओ को भेजी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए प्रथम दृष्टया फर्जीवाड़ा करने के लिए तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी सुनील बाबू सक्सेना, ग्राम विकास अधिकारी दीपक गुप्ता और सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) चैकर कृष्णपाल सिंह को दोषी पाया गया। तीनों अधिकारियों के खिलाफ एक-एक विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के साथ एक वर्ष की वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है। साथ ही तत्कालीन खंड विकास अधिकारी मनीष सिंह वर्मा को शिथिल पर्यवेक्षण के लिए चेतावनी दी गई है।
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सीडीओ गामिनी सिंगला ने बताया शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट में दोषी अधिकारियों और कर्मचारी पर कार्रवाई की गई है।


स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं मिलने पर हुई कार्रवाई
25 दिन पहले जिला मुख्यालय पर जांच रिपोर्ट भेजी गई थी। इसके बाद इन अधिकारियों को नोटिस भेजकर इनका स्पष्टीकरण मांगा गया था। जवाब संतोष जनक न मिलने पर अब इनके विरुद्ध कार्रवाई की गई।

कार्रवाई से बचने के लिए अपात्र ब्याज सहित धनराशि जमा करने को तैयार

- प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में 32 अपात्रों को पात्र ठहराने वाले बिल्सी तहसील व नगर पंचायत के कर्मचारियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
संवाद न्यूज एजेंसी
इस्लामनगर। नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में षड्यंत्र रचकर भ्रष्टाचार करके पात्र बने अपात्रों को अब डूडा से नोटिस का इंतजार है। वे इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि रकम किस खाते में और किस तरह वापस करनी होगी। अपात्र धनराशि जमा कर कार्रवाई से बचने की जुगत में लगे हैं। वहीं, जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) अभी तक अपात्रों को नोटिस जारी नहीं कर सका है।

अपात्रों को कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज होने का भी डर सता रहा है। वहीं अपात्रों को पात्र ठहराने वाले बिल्सी तहसील और नगर पंचायत के कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। लाभ लेने वाले और दिलाने वाले जगह-जगह बैठकें कर मामला शांत कराने का प्रयास कर रहे हैं।
लाभार्थियों ने अपने सरपरस्तों और सफेदपोश नेताओं से मिलकर बचने का रास्ता खोज लिया है। आगामी सात अक्टूबर को कोर्ट में इस मामले में सुनवाई है, जिससे मामला और पेचीदा होने की आशंका है। बता दें कि शिकायतकर्ता ने 134 लोगों को अपात्र बताते हुए कोर्ट में पीआईएल डाली थी। शिकायतकर्ता अंकित का कहना है कि सभी पात्रों की किसी अन्य वरिष्ठ अधिकारी के संरक्षण में जांच कराने का प्रयास करेंगे। इधर, पीओ डूडा कुमार चंद्रा का कहना है कि इस्लामनगर में आवासों की जांच कोर्ट के आदेश पर हुई है। ऐसे में कोर्ट के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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