नगर पालिका प्रांगण में मुशायरे का आयोजन किया गया। सदारत अफरोज एडवोकेट ने तथा निजामत वजीरगंज निवासी शायर हिलाल बदायूंनी ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जमालुद्दीन समेत समस्त शायरों का फूल मालाएं पहनाकर इस्तकबाल किया गया। मुशायरे में बेनवा सहसवानी की नात के बाद गजल का दौर चला।
चांद ककरालवी ने कहा-
नाखुदा बन गए जहाजों के,
नाव कागज की जो चलाते थे ।
अजमत अली ने कहा-
कैसी चारागरी वो करता है,
जख्म भरता नहीं उभरता है।
अंसार हुसैन अश्क ने कहा-
जब भी तुझपे शबाब आएगा, देखना बेहिसाब आएगा,
जो भी देखेगा तुझको जाने जां, मुद्दतों उसको ख्वाब आएगा,
इसके अलावा हिलाल बदायूंनी, कुंवर जमशेद कासिम खैरवी, युसूफ सहसवानी, जमशेद बदायूंनी, डॉ. तौहीद अख्तर, अनीस सहसवानी, मास्टर मुईज, फराज सहसवानी, असर सहसवानी, साहिल सहसवानी, अफरोज, बेनवा सहसवानी सिबतैन, अखगर, वारिस सहसवानी ने भी कलाम पेश किया। मुशायरे में अब्दुल फरीद खां आदि मौजूद रहे।