हादसा साबित करने को लाश फेंकी थी रेलवे ट्रैक पर
तीन आरोपी गिरफ्तार, वारदात में तीन और भी शामिल
उघैती थाना क्षेत्र के गांव ईखखेड़ा निवासी डॉ. अमित (23) पुत्र अरविंद की क्लीनिक रियोनाई गांव में था। चार अक्तूबर को डॉ. अमित लापता हो गए थे। 11 अक्तूबर को परिवार वालों ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इस दौरान छह अक्तूबर को मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रक पर एक लाश मिली। शक होने पर पुलिस ने उसकी शिनाख्त डॉ. अमित के परिवार वालों से कराई। वे शिनाख्त नहीं कर सके थे। पुलिस का दावा है कि गांव रियोनाई निवासी वीरेंद्र की बेटी प्रियंका से अमित के प्रेम संबंध थे। प्रियंका का भाई सोनू और मोनू इसका विरोध करते थे। इसी को लेकर इन दोनों ने अमित को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसमें सुपारी किलर रियोनाई निवासी राहुल को भी शामिल किया।
योजना बनाकर इन लोगों ने चार अक्तूबर को फोन करके चंदौसी बुलाया। पूरा दिन उसे चंदौसी रखा। बाद में कटघर ले गए। वहां राहुल ने अमित के सिर में गोली मार दी। पहचान छिपाने के लिए अमित के कपड़े बदले और लाश रेलवे ट्रैक पर फेंक दी। ताकि यह हादसा लगे। चंदौसी में राहुल का कमरा भी है। वारदात में पलिया निवासी परमानंद समेत दो और लोग भी शामिल था। पुलिस ने मंगलवार को घटना का वर्क आउट करते हुए राहुल, सोनू और मोनू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है।
राहुल पर हैं हत्या के दो मामले
डॉ. अमित की हत्या के लिए राहुल ने वीरेंद्र से 20 हजार रुपये लिए थे। राहुल पर पहले से हत्या के दो मामले दर्ज हैं। उसी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर अमित को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। पेशेवर तरीके से हत्या को अंजाम दिया गया।
परिवार वाले भी नहीं पहचान सके लाश
मुरादाबाद के कटघर में रेलवे स्टेशन पर छह अक्तूबर को अज्ञात लाश मिली थी। शक होने पर पुलिस ने शव के फोटो और कपड़े डॉ. अमित के परिवार वालों को दिखाए। यह देखकर वह पहचान नहीं कर सके। बाद में पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। घटना के वर्क आउट के बाद साफ हुआ है कि वह शव डॉ. अमित का ही था। एसओ उघैती ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है। राहुल पर हत्या के दो मामले पहले से हैं। पूछताछ में पता लगा है कि डॉ. अमित के सोनू-मोनू की बहन से प्रेम संबंध थे। इसी को लेकर डॉ. की हत्या की गई। वारदात में तीन अन्य आरोपी भी शामिल हैं। इनको जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रतिबंधित पशु काटकर मांस भर ले गए तस्कर
जरीफनगर थाने के गांव वजीरपुर में घटना
दहगवां। चार प्रतिबंधित पशुओं को काटकर तस्कर उनका मांस भरकर ले गए। घटना सोमवार रात जरीफनगर थाने के गांव वजीरपुर में हुई। मंगलवार सुबह जब ग्रामीण खेतों पर गए तो उनको पता लगा। बाद में ग्रामीणों ने खुद ही प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष दफन कर दिए। पुलिस को भी खबर नहीं दी गई।
उघैती और जरीफनगर थाना क्षेत्र के जंगलों में लंबे समय से मांस तस्कर पशुओं का वध कर रहे हैं। सोमवार की रात मांस तस्करों ने जरीफनगर थाने के गांव वजीरपुर के जंगल में प्रतिबंधित पशुओं को शिकार बनाया। तस्कर जंगल में चार प्रतिबंधित पशुओं का वध कर करके मांस भरकर ले गए।