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मुफलिस महिला ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ा

Fri, 01 May 2015 08:11 PM IST
badaun
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बिहार की गरीब महिला की जिला अस्पताल में जो दुर्गति हुई, उसे देख-सुनकर मानवता भी शर्मसार हो गई। घायल महिला चार दिन तक अस्पताल में तड़पती रही। वह मुफलिस थी, किसी ने उसके जख्मों पर मरहम तक नहीं लगाया। साफ-सफाई न होने से उसके जख्मों में कीड़े तक पड़ गए। आखिर उसने दम तोड़ दिया। कई साल से यह महिला शहर के जवाहरपुरी इलाके में पूर्व विधायक रामसेवक सिंह की कोठी के पास परिवार के साथ डेरा बनाकर रह रही थी।  
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बिहार के सारसा जिले की सदर कोतवाली के गांव सिमरी बख्तारपुर की पागो देवी (40) पुत्री जटा शंकर बेहद गरीब और अविवाहित थी। करीब 15 साल से परिवार के साथ शहर के जवाहरपुरी इलाके में रह रही थी। वह कबाड़ा बीनकर अपना गुजारा करती थी। 27 अप्रैल को सुबह बरेली रोड पर पागो देवी को किसी वाहन ने टक्कर मार दी। वह गंभीर घायल हो गई। सिविल लाइंस पुलिस ने उसने जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।
पागो देवी के सिर में गंभीर चोट थी। शरीर पर गहरे जख्मों में टांके लगाए जाने की जरूरत थी। इमरजेंसी ड्यूटी स्टाफ ने इतना भी नहीं किया। पागो देवी के शरीर पर ऐसे ही पट्टी लपेट कर उनको वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। परिवार वालों के पास रुपये भी नहीं थे, जो बाहर ले जाकर इलाज करा पाते। चार दिन तक पागो देवी के जख्मों की साफ-सफाई नहीं हुई। उन पर मरहम तक नहीं लगाया गया। परिणामस्वरूप जख्मों में कीड़े पड़ गए। बुधवार रात उसकी अस्पताल में ही मौत हो गई।
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एक महीने में मर गए 14 अज्ञात मरीज
बदायूं। जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां एक महीने के दौरान 14 ऐसे मरीजों की मौत हो गई जो अज्ञात थे। इनका ठीक से इलाज तक नहीं किया गया। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाओं पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च होता है। भारी-भरकम स्टाफ भी है। बावजूद इसके यहां गरीबों की कोई सुनवाई नहीं, जबकि लोग इसे खैराती अस्पताल बोलते हैं।  

अब खामियां छिपा रहा अस्पताल प्रशासन
बदायूं। जिला अस्पताल प्रशासन अब अपनी खामियां छिपाने की जुगत में लग गया है। नियमानुसार अस्पताल स्टाफ को समय-समय पर बैठक करके अपनी खामियों पर विचार कर इनको दूर करने की कोशिश करनी चाहिए। जिला अस्पताल में ऐसा नहीं हो रहा है।

महिला का इलाज चल रहा था। वह गंभीर घायल थी। जख्मों में टांके और मरहम लगाया गया या नहीं? यह तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता लग सकेगा। अगर अस्पताल स्टाफ की कहीं पर कोई लापरवाही हुई है, तो कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. आरके टंडन, सीएमएस जिला अस्पताल
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