द्वितीय बैच के शिक्षामित्रों के समायोजन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। पदों की संख्या कम और अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में जिसकी उम्र ज्यादा होगी वहीं इसका फायदा उठा पाएगा यानि वरिष्ठता सूची में सबसे ज्यादा उम्रदराज शिक्षामित्र ही इसका लाभ ले सकेंगे।
शासन के निर्देश के अनुसार प्रथम बैच के करीब 1119 शिक्षामित्र समायोजित किए जाने के बाद अब द्वितीय बैच के शिक्षामित्रों को नियमित करने का फरमान भी जारी हो चुका है। लिहाजा विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 13 अप्रैल को विज्ञापन भी निकाल दिया जाएगा। लेकिन इसमें पद की संख्या कम होने से बाधा उत्पन्न होना तय माना जा रहा है। विभाग के अनुसार जिले में 600 पद रिक्त हैं वहीं नियमित होने वाले शिक्षामित्रों की संख्या करीब 1650 है। ऐसे में नियमित करना टेढ़ी खीर होगा। क्योंकि हर कोई इसकी आस लगाए बैठा है। विभाग की माने तो शिक्षामित्रों की जन्मतिथि से वरिष्ठता सूची तैयार की जाएगी। इसमें जिसकी उम्र ज्यादा होगी और वह 600 पदों के अंदर फिट बैठेगा उसे नियमित किया जाएगा। जो शेष बचेंगे वह प्रमोशन के बाद खाली हुए पद पर समायोजित होंगे। बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने बताया कि तैयारी शुरू कर दी हैं। गाइडलाइन के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
प्राइमरी, जूनियर में 870 के होंगे प्रमोशन
बदायूं। इधर, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक में समायोजन पर विचार विमर्श हुआ। पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों के प्रमोशन को प्राइमरी स्कूलों में 415 पद प्रधानाध्यापकों के रिक्त हैं। जबकि 1,385 प्रधानाध्यापक के स्वीकृत पद हैं। इसमें से 970 प्रधानाध्यापक वर्तमान में कार्यरत हैं जबकि जूनियर में 651 पद स्वीकृत पर 192 प्रधानाध्यापक कार्यरत है। लिहाजा इस प्रकार प्राइमरी और जूनियर में 870 पद प्रमोशन किए जाने चाहिए। पदाधिकारियों ने कहा कि इन पदों पर प्रमोशन प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी कराई जाए ताकि तीस अप्रैल तक शिक्षामित्रों का आसानी से प्रमोशन किया जा सके। इस मौके पर रावेंद्र सिंह, विनोद राठौर, निर्भान सिंह यादव, मुनेंद्र यादव, सतीश चंद्र, यतेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
अधूरी सूची जारी हुई तो होगा आंदोलन
बदायूं। शिक्षामित्रों एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर शिक्षामित्रों के करीब साढ़े छह सौ पदों की सूची जारी की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी विभाग की होगी।