जानकारी होने पर चिकित्सा प्रभारी ने मारा छापा
निजी सफाई कर्मी की छुट्टी, झोलाछाप को देंगे नोटिस
जिले में जहां बुखार और उस पर झोलाछाप के इलाज से तमाम लोग असमय ही मौत का शिकार हो रहे हैं। वहीं, कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहे गोरखधंधे पोल खुली। अस्पताल में सफाई कार्य करने वाली निजी सफाई कर्मी प्रसव कराने आने वाली गर्भवती को अव्यवस्थाओं का झांसा दिखाकर झोलाछाप के यहां प्रसव कराने ले जाती थी। बुधवार को चिकित्सा अधिकारी ने छापा मारा तो मामला संज्ञान में आया।
बुधवार को शाम करीब तीन बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्षेत्र के गांव कतारपुर के नबी रजा की पत्नी नूर सबा बी को भर्ती कराया गया, उनका प्रसव होना। करीब एक घंटे बाद गर्भवती वहां से चली गई। इस पर चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण गंगवार ने गर्भवती के बारे में पूछा, तब पता हुआ कि ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है, कि अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए आने वाली गर्भवती को एक झोलाछाप के यहां पर प्रसव कराने के लिए ले जाया जाता है। यह काम अस्पताल में काम करने वाली एक निजी सफाई कर्मी करती है।
वह सफाई कर्मी झोलाछाप के क्लीनिक पर भी सफाई कार्य करती है। अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं को वहां पर अव्यस्थाओं का झांसा देकर सात से आठ हजार रुपये में प्रसव करा देती है। यह जानकारी होने पर डॉ. गंगवार ने टीम के साथ झोलाछाप के क्लीनिक पर करीब साढ़े चार बजे छापा मारा। वहां पर अस्पताल में आई प्रसूता भी भर्ती थी। डॉ. गंगवार ने झोलाछाप को फटकार लगाते हुए प्रसूता को अस्पताल में ले जाकर सुरक्षित प्रसव कराने के लिए कहा। साथ ही झोलाछाप को नोटिस जारी करने के लिए कहा। इससे महकमे में हड़कंप मचा रहा।