अब्दुल्लागंज और बुर्रा फरीदपुर गांव में खसरा फैलने की सूचना पर शनिवार को स्वास्थ्स कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर सच्चाई का पता लगाया। दोनों गांव के कई घरों में पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चों में खसरा के लक्षण नहीं मिले। उनका कहना है कि लक्षण चिकन पॉक्स हैं। टीम ने दवाएं भी मुहैया कराईं।
अब्दुल्लागंज पहुंची स्वास्थ्य कर्मियों की टीम में शामिल अनिल यादव और लीलावती ने संतोष कुमार कश्यप और राहुल मिश्रा के बच्चों को देखा। अधिकतर बीमार बच्चे घरों पर ही मिले। घरवालों ने उन्हें बताया कि तीन-चार दिन से प्रकोप बढ़ गया है। टीम ने संतोष की बेटी कंचन और राहुल की पत्नी नेहा, बेटे सत्यम समेत मुस्कान को देखने के बाद उन्हें दवाएं भी दीं।
इसके अलावा बुर्रा फरीदपुर गांव में पहुंची स्वास्थ्य कर्मी ममता पाल ने चरन सिंह और रजनेश यादव के घर में बच्चों अभय, सुमित, अंशु, शिवा, शीतल और संजना की जांच की। रजनेश के तीनों बच्चों की हालत में सुधार नजर आया। बता दें कि बृहस्पतिवार शाम को दोनों गांव में खसरा फैलने की सूचना मिली थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची।