ग्राम पंचायत के चुनाव में भले ही एक वोट को लेकर मारामारी होती हो, लेकिन जुगाडू प्रत्याशी बैक डोर से जुगाड़ फिट करके अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं। इस तरह का खुलासा एक ग्राम पंचायत में कुल जनसंख्या से अधिक मतदाताओं की संख्या होने का हुआ है। क्षेत्र की तमाम ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां फर्जी वोटरों की भरमार होने की आशंका है।
क्षेत्र पंचायत समरेर की ग्राम पंचायत मैरी बजर में वर्ष 2011 की जनगणना में कुल जनसंख्या 1208 निकली, लेकिन वर्ष 2010 की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 1266 है। इस तरह जनसंख्या के अनुपात में वोटर संख्या 105 प्रतिशत है।
एसडीएम ओपी तिवारी ने बताया कि जनसंख्या के मुकाबले मतदाताओं की संख्या 65 फीसदी होनी चाहिए, ऐसा चुनाव आयोग का मानना है। क्षेत्र में नवादा बदन ग्राम पंचायत में 93, सौंधामई में 93, रम्पुरा खुर्द में 88, आजमपुर बिसौलिया में 91 और गढ़ा में 89 प्रतिशत मतदाता हैं और भी अनेक ग्राम पंचायतें ऐसी हैं जहां 75 फीसदी से अधिक मतदाता हैं।
तिवारी ने बताया कि चुनाव आयोग ने इस पर आपत्ति जताई है। इस तरह की ग्राम पंचायतों की गहनता से जांच होनी चाहिए और सही मतदाता का नाम ही सूची में शामिल होगा।