फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: सांड़ के हमले में पिछले साल 40 से अधिक लोगों की चली गई थी जान

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। जिले में सांड़ अब जानलेवा हो गए हैं। आए दिन किसी न किसी की मौत इनके हमले में हो रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार खामोश बैठे हैं। हाल यह है कि गत साल दिसंबर तक 40 से अधिक किसानों की मौत सांड़ के हमलों से हो चुकी है, जबकि जनवरी में छात्र की पहली मौत सामने आई है।
विज्ञापन


खेतों में इस समय गेहूं, आलू, सरसों, सब्जी की फसल हो रही है। वहीं, जिले में करीब चार हजार छुट्टा पशु घूम रहे हैं। इन छुट्टा पशुओं से फसलों को बचाने के लिए दिन रात किसान फसलों की रखवाली कर रहे हैं। यह रखवाली ही किसानों के लिए मुसीबत साबित हो रही है। जैसे ही सांड फसल को चरने के लिए खेत में पहुंचते हैं, किसान उन्हें भगाने का प्रयास करते हैं। इस पर सांड़ किसान पर हमला कर देते हैं। 19 दिसंबर को कादरचौक क्षेत्र के गांव असरासी निवासी सेवाराम उर्फ शिब्बू फसल की रखवाली कर रहे थे। तभी सांड़ ने हमला करके उनकी जान ले ली थी। वहीं, दातागंज के गांव रोहरी निवासी रामनिवास को सांड़ ने हमला कर मार डाला था।

नौ दिसंबर को बिल्सी के मोहल्ला संख्या एक खैरी रोड निवासी पीतांबर पाल और 22 दिसंबर को मूसाझाग निवासी गांव मर्रई निवासी रामदीन को भी सांड़ ने हमला करके मौत के घाट उतार दिया था। इस तरह से 40 से अधिक मौतों का आंकड़ा जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक का रहा। अब नई साल में 15 साल के कक्षा नौ के छात्र राजू की मौत ने फिर से किसानों में दहशत फैला दी है।
विज्ञापन



सांड़ के हमले में मृतक के परिजन ऐसे कर सकते हैं आवेदन
सांड़ के हमले से मौत होने पर सरकार की तरफ से चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाता है। इसके लिए मृतक के परिजन को सबसे पहले आपदा कार्यालय या फिर संबंधित तहसील में आवेदन करना होता है। आवेदन ऑनलाइन किया जाता है। इसके लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का होना आवश्यक होता है। इसके बाद हल्का लेखपाल पूरे मामले की जांच रिपोर्ट देकर आवेदन को पास करता है। बाद में अधिकारी उसकी रिपोर्ट शासन को भेजते हैं। शासन से मृतक के परिजनों के खाते में मुआवजा की राशि दी जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें