दातागंज। हजरतपुर कस्बे में ग्राम पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जों का बड़ा मामला सामने आया है। तहसील प्रशासन की ओर से कराई जा रही पैमाइश में अब तक 30 से अधिक दुकानें सरकारी जमीन पर बनी पाई गई हैं।
प्रशासन को लगातार मिल रहीं शिकायतों के आधार पर कानूनगो और हल्का लेखपाल की टीम की ओर से हजरतपुर क्षेत्र में पैमाइश कराई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हजरतपुर-गौतरा मार्ग पर स्थित 30 से अधिक दुकानें ग्राम पंचायत की भूमि पर अवैध रूप से बनी पाई गई हैं। इन दुकानों पर पिछले एक दशक से व्यापार हो रहा था। हजरतपुर, कटरी क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र माना जाता है, जहां मुख्य बाजार में 200 से अधिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। ऐसे में अवैध कब्जों के इस खुलासे से पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है। हल्का लेखपाल जितेंद्र राठौर ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पैमाइश का कार्य किया जा रहा है। चिह्नित की गई दुकानों पर लाल निशान लगा दिए गए हैं और शेष पैमाइश का कार्य अगले दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पैमाइश का कार्य पूर्ण होने के बाद अवैध कब्जाधारकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दुकानों की बिक्री का मामला आया सामने
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि चिह्नित दुकानों में से लगभग 20 दुकानों की जमीन गांव के ही एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा व्यापारियों को बेची गई थी। ये दुकानें उसके निजी चक के सामने स्थित हैं, जिन्हें अब सरकारी भूमि में शामिल पाया गया है। इस खुलासे के बाद व्यापारियों में खलबली मच गई है। उनका कहना है कि उन्होंने पूरी कीमत देकर जमीन खरीदी और दुकानें बनवाई हैं, ऐसे में अब कार्रवाई की आशंका से वे असमंजस की स्थिति में हैं।