कस्बों और गांवों में बंदर और खेतों में नीलगाय के आतंक से हर कोई परेशान है। हालात ये हैं कि नीलगायों ने किसानों की आलू की फसल को उजाड़कर रख दिया है। नीलगायों के डर से किसानों ने कई फसलें तो पैदा करनी ही छोड़ दी हैं।
बिसौली सहित सभी कस्बों और गांवों में बंदरों का आतंक है। हालात तो यह है कि बंदरों ने घरों में जीना मुहाल कर दिया है। इसके साथ ही गांवों के किनारे स्थित खेतों में तो कोई फसल ही नहीं पैदा हो पाती है। इसके साथ ही बंदरों से फसल को सुरक्षित करने के लिए किसान पूरे-पूरे दिन खेतों पर रहते हैं। नीलगायों का भी क्षेत्र में काफी आतंक हैं। नीलगायों ने आलू की फसलों को चौपट करके रख दिया है। नीलगायों के डर से क्षेत्र के किसानों ने मटर, चना सहित तमाम फसलों को पैदा करना ही छोड़ दिया है। दबतोरी क्षेत्र में एक दो किसान मटर की फसल पैदा भी करते हैं तो उसकी सुरक्षा के लिए तार कसी की बाड़ लगानी पड़ती है, जिसकी लागत भी ज्यादा होती है। आलू उत्पादक किसान सुधीर सिंह, अवधेश मिश्र आदि का कहना है कि नीलगाय फसल का काफी नुकसान कर रही हैं।