राष्ट्रीय लोक अदालत में उम्मीद से ज्यादा मुकदमे सुलट गए। शाम तक 26253 मुकदमों का निस्तारण किया गया। बैंकों से जुड़े मामलों में साढ़े सात करोड़ की रकम कर्जदारों से वसूली गई। वहीं एक करोड़ से अधिक रकम के सक्सेशन सर्टिफिकेट पीड़ित को निर्गत किए गए। जबकि लघुु प्रकृति के आपराधिक मुकदमों में तकरीबन 20 लाख का जुर्माना वसूला गया।
भारतीय स्टेट बैंक के 89 मुकदमों से करीब सात करोड़, बैंक ऑफ बड़ौदा के 78 मुकदमों में पौने 14 लाख सहित सर्व ग्रामीण बैंक, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के 277 लोन खातों के पेंडिंग मुकदमों से सात करोड़ 38 लाख से ज्यादा की रकम वसूल हुई। गत साल के मुकाबले इस वर्ष तीन गुना अधिक मामले निपटाए गए। वादकारियों ने इस रकम को संबंधित बैंक में जमा करके राहत की सांस ली। किसी को वर्षों पुराने मुकदमों से निजात मिलने तो किसी को कर्ज से छुटकारा पाने की खुशी में मशगूल था।
बहरहाल निस्तारित 26253 मुकदमों फैमिली कोर्ट के 182 सक्सेशन के 45, फोरम के 17, क्लेम के 58, चकबंदी के 3300, राजस्व के 7601, लघु आपराधिक वाद साढ़े 13 हजार मुकदमें सुलटाए गए। राष्ट्रीय लोक अदालत का संचालन कर रहे सीजेएम पुनीत गुप्ता ने 3402 मुकदमे तय करके 2,79,640 रुपये का जुर्माना वसूला।