पीने का पानी हो या खाने की वस्तुएं अभी इनके विक्रेता और निर्माणकर्ता सुधर नहीं रहे हैं। जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए कई नमूने फेल हो गए हैं। इन पर न्याय निर्मायक अधिकारी/एडीएम प्रशासन ने पौने दो लाख रुपये का जुर्माना ठोका है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अभिहीत अधिकारी संजय शर्मा ने बताया कि बरेली के हरुआ नगला में शील बूंद नाम से बिक्री के लिए सील बंद पानी आता है। इसकी यहां रोडवेज बस स्टैंड के पास शिवांगी गारमेंट्स के स्वामी अंकुश साहू पर एजेंसी है। 20 जून 2013 को खाद्य निरीक्षक महेंद्र सिंह ने यहां सील बूंद का नमूना भरकर जांच को भेजा था। जांच में पाया गया कि इस पानी में स्वास्थ्य के लिए घातक कॉपर की मात्रा अधिक है। इनके खिलाफ न्याय निर्णायक अधिकारी/एडीएम प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव की अदालत में मुकदमा किया गया।
इसी प्रकार बिल्सी की फर्म चंदू हलवाई की दुकान से एक नवंबर, 2013 को खाद्य निरीक्षक जेपी सिंह ने पनीर का नमूना भरा और जांच को भेजा गया। इनके यहां के पनीर का नमूना जांच रिपोर्ट में फेल आया। न्याय निर्णायक अधिकारी ने इस केस में सुनवाई करते हुए 50 हजार का जुर्माना किया है।
शहर के मोहल्ला शहबाजपुर में अमित कुमार पुत्र पूरनलाल की दुकान पर छापामारी कर खाद्य निरीक्षक अशोक कुमार ने आठ अक्तूबर,2013 को कुटू आटा का सेंपल भरा था। जांच में इसमें अन्य आटे की मिलावट पाई गई। न्याय निर्णायक ने इसके खिलाफ सुनवाई करते हुए 25 हजार का जुर्माना किया और हिदायत दी कि आइंदा वह ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री न करें जो आम लोगों के स्वास्थ्य को घातक हो।
बच्चों के जीवन से खिलबाड़
बदायूं। जिले में बच्चों के लिए कई खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं। इनमें कई उनके स्वास्थ्य के लिए घातक हैं। जिले की खाद्य सुरक्षा टीम ने कादरचौक में दुकानदार दिनेश गुप्ता के यहां छापा मारकर ऐसी टॉफी पकड़ी हैं जिन पर न कोई बैच नंबर है और न ही एक्सपायरी डेट है। निर्माण एजेंसी आदि का भी कोई पता नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीरता से लिया है और कार्रवाई की फाइल में दर्ज कर लिया है।