बदायूं जिले में प्रधान ने अफसरों के साथ मिलकर मनरेगा में घपला किया। कागजों ने काम दर्शाकर 1.10 लाख रुपये का भुगतान कर लिया गया। मामले का खुलासा होने पर एपीओ और प्रधान समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
बदायूं जिले की ग्राम पंचायत अलापुर भोला भज्जू में मनरेगा योजना में घोटाला उजागर हुआ है। यहां कागजों में ही काम दिखाकर 1.10 लाख रुपये का भुगतान कर लिया गया। सच्चाई सामने आने पर खंड विकास अधिकारी मनीष कुमार ने इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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अलापुर मुख्य मार्ग से ककराला लिंक मार्ग तक साइड पटरी और मिट्टी डालने के काम होना था। जिस पर कागजों में करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर कार्य पूरा दिखा दिया गया था। इसके बदले 38 श्रमिकों के 437 दिवस सृजित कर एक लाख दस हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। जबकि जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया गया कि धरातल पर कार्य ही नहीं कराया गया है। सब कुछ कागजों तक ही सीमित रहा। 23 अगस्त को खंड विकास अधिकारी म्याऊं मनीष कुमार, तकनीकी सहायक मुनेंद्र पाल सिंह और प्रधान की मौजूदगी में श्रम रोजगार उपायुक्त अखिलेश कुमार चौबे ने स्थल निरीक्षण किया था।
जांच में सचिव, प्रधान और तकनीकी सहायक की मिलीभगत सामने आई। वहीं फर्जी एनएमएमएस दर्ज कराने के मामले में महिला मेट की जिम्मेदारी भी तय हुई। इसके बाद खंड विकास अधिकारी मनीष कुमार ने महिला मेट सुरभि, प्रधान अनीता देवी, ग्राम पंचायत अधिकारी/सचिव नौशी परवीन, तकनीकी सहायक मुरेंद्र पाल और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) मनरेगा विनोद कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।