बदायूं स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र (एमएलसी) चुनाव में पुलिस विभाग ने 16 में से 11 पोलिंग स्टेशनों को संवेदनशीलता की सूची में रखा है। इसमें परिवर्तन भी हो सकता है। दरअसल, चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार संवेदनशील पोलिंग स्टेशनों पर वेबकॉस्टिंग की सुविधा प्रदान की जानी है। इसके लिए बिजली और नेट की सुविधा होना जरूरी है। जिला निर्वाचन अधिकारी/ जिलाधिकारी शंभूनाथ ने इस संबंध में बीएसएनएल अधिकारियों से इन पोलिंग स्टेशनों का सर्वे कराने को कहा है।
चुनाव आयोग से मिले निर्देशों के अनुसार एमएलसी चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष, निर्भीक एवं शांतिपूर्ण ढंग से कराने को मतदान के दिन तीन मार्च को सभी मतदेय स्थलों की वीडियोग्राफी कराए जाने के साथ ही संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेब कैमरे लगाकर वेबकॉस्टिंग कराई जाएगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय दलों के अध्यक्षों, मंत्री, निर्वाचन लड़ने वाले उम्मीदवारों और मतदाताओं को इस संबंध में पहले ही सूचना देकर अवगत करा दिया है।
इसके तहत ही बीएसएनएल अब सर्वे करेगा कि बेवकॉस्टिंग के लिए वहां बिजली और नेट का इंतजाम हो सकता है या नहीं। सर्वे के बाद खासकर संवेदनशील पोलिंग स्टेशनों पर इसकी व्यवस्था करनी होगी। इधर, बताया जा रहा है कि पुलिस विभाग ने अभी संवेदनशील पोलिंग स्टेशनों की सूची निर्वाचन विभाग को नहीं दी है। माना जा रहा है कि संवेदनशीलता के मापदंडों के आधार पर संवेदनशील मतदान केंद्रों को पुर्नमूल्यांकन किया जाएगा। पुर्नमूल्यांकन में संवेदनशील मतदान केंद्रों में परिवर्तन और संख्या में भी परिवर्तन हो सकता है। एमएलसी चुनाव को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के आदेशों का अक्षरश: पालन किया जाएगा।