बदायूं। अपर जिला जज और विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश तिवारी ने दुष्कर्म के एक मामले में विधि का उल्लंघन करने वाले बालक को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने दोषी बालक को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर चालीस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह मामला 22 जनवरी 2018 का है। वादिनी ने कादरचौक के थाना प्रभारी को तहरीर दी थी। उसने बताया था कि वह शाम आठ बजे अपने घर के दरवाजे के बाहर गई थी। वह उस समय घर पर अकेली थी। पड़ोस से आए एक बालक ने उसे पकड़ लिया और एक मड़ैया में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान उसके चाचा मौके पर पहुंच गए। चाचा को देखकर आरोपी बालक वहां से भाग गया।
पीड़िता ने अपने चाचा के साथ थाने पहुंचकर तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। न्यायालय में कादरचौक थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी बालक पर मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और अधिवक्ताओं की दलीलों को सुना। इसके बाद उसे उक्त आरोप में दोषी पाते हुए सजा सुनाई।