बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र के निवासी छेड़खानी के नाबालिग आरोपी छात्र ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। अनुसूचित जाति के छात्र के खिलाफ 22 फरवरी को छेड़खानी के आरोप में बिल्सी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने छात्र के पिता को हिरासत में ले रखा था। इस वजह से छात्र नोएडा में रह रहे भाइयों के पास चला गया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के डर से उसने वहां आत्मघाती कदम उठा लिया।
एक गांव निवासी व्यक्ति के तीन बेटे हैं। दो बेटे नोएडा में रहकर मेहनत मजदूरी करते हैं। जबकि 16 वर्षीय सबसे छोटा बेटा बिल्सी के एक इंटर कॉलेज में 11वीं कक्षा में पढ़ता था। 12 फरवरी को गांव के ही एक व्यक्ति ने छात्र के खिलाफ बेटी के साथ छेड़खानी के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद छात्र नोएडा में अपने भाइयों के पास चला गया था।
बिल्सी पुलिस ने कराया शव का पोस्टमार्टम
पुलिस ने छात्र की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए उसके पिता को हिरासत में ले लिया था। पिता को हिरासत में लिए जाने और खुद की गिरफ्तारी के डर से छात्र ने बृहस्पतिवार देर शाम कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। देर रात छात्र का शव गांव लाया गया। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
छात्र की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। छात्र के भाई ने उसपर दर्ज हुए मुकदमे को झूठा बताया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। बिल्सी इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह पुंडीर ने बताया कि आत्महत्या की घटना नोएडा की है। वहां की पुलिस जांच करेगी। छात्र के खिलाफ छेड़खानी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था।