बदायूं। जिला महिला अस्पताल में नवजातों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मिल्क बैंक बनाया जाएगा। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। जल्द ही इसे बनाकर तैयार कर दिया जाएगा। यहां पर स्टाफ की भी तैनाती की जाएगी।
महिला अस्पताल में हर माह 20 से 30 बच्चे ऐसे बच्चे जन्म लेते हैं। जिनका वजन कम, पीलिया, सांस लेने में परेशानी सहित अन्य दिक्कतें होती हैं। ऐसे बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती कर इलाज किया जाता है, लेकिन यहां पर नवजात की मां उसे दूध नहीं पिला पाती है। ऐसी स्थिति कई बार डॉक्टर पाउडर वाला दूध मजबूरी में देने की सलाह देते हैं।
इससे शारीरिक और बौद्धिक विकास में परेशानी आती है। इस समस्या को खत्म करने के लिए अस्पताल की दूसरी मंजिल में स्तनपान प्रबंधन इकाई या मिल्क बैंक की स्थापना होनी है। इसके लिए कवायद शुरू हो गई है। यहां पर मां का दूध स्टोर कर उसे 24 घंटे तक रखा जाएगा। एसएनसीयू में भर्ती बच्चे को स्टाफ दूध पिलाएगा। बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप वाष्र्णेय ने बताया कि मिल्क बैंक बनाए जाने की कवायद चल रही है। जल्द ही इसे पूरा किया जाएगा।