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बच्चों के हक पर डाका: बीएसए ने 24 प्रधानों को जारी किए नोटिस

Mon, 28 Sep 2015 08:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो ,बदायूं
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परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को रोजाना एमडीएम के तहत भोजन दिया जाता है। इसके लिए मेन्यू भी बना है। उसी के तहत भोजन बनता है। भोजन खिलाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापकों और प्रधानों के ऊपर होती है। विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विकासखंड उसावां क्षेत्र की न्याय पंचायत बबई भटपुरा, मसूदपुरा, बछेली दारानगर, टिकाई पुख्ता, नौली फतुआबाद, खेड़ा जलालपुर, खेड़ा जलालपुर खाम, ललोमई, मिठौली खा, जाटी, कटरा सआदतगंज, भकरौली, खेड़ा किश्नी पुख्ता, लिलवां, मौजमपुर, उधौली, शाहपुर, मिर्जापुर बिचौला, गढ़िया हरदोपट्टी, उसावां देहात, हजारा, शंकरपुर, दलेलगंज बुधऊ और विकासखंड उझानी की ग्राम पंचायत रौली के प्रधान को नोटिस जारी किए गए हैं।
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सूत्रों ने बताया है कि एमडीएम सेल की जिला समन्वयक हिना खां के पास ऐसी रिपोर्ट आई थी कि उपरोक्त ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले परिषदीय स्कूलों के बच्चों को शैक्षिक सत्र शुरू होने के बाद से भोजन नहीं मिल रहा है। जबकि एमडीएम की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रधानों द्वारा हर माह खाद्यान्न उठाया गया है। उन्होंने बच्चों को भोजन बनवाने के बजाय अपने घरों में ही जमाखोरी कर ली। इसकी शिकायतें मिलने के बाद संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि खुद ही खाद्यान्न उठवाकर बच्चों को भोजन खिलवाएं। एमडीएम जिला समन्वयक हिना खां ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि प्रधानों ने हर माह खाद्यान्न लिया है। जो उनके घरों में जमा था लेकिन उन्होंने शिक्षकों से एमडीएम देने से मना कर दिया था। शिक्षकों द्वारा अगस्त और सितंबर का खाद्यान्न उठवाकर बच्चों को भोजन खिलवाया जा रहा है। इसपर बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा का  कहना है कि यदि संबंधित प्रधानों ने खाद्यान्न स्कूलों को जल्द नहीं भेजा तो डीपीआरओ को पत्र भेजकर उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई कराई जाएगी। इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। 
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