आसफपुर (बदायूं)। फैजगंज बेहटा में वार्ड सात स्थित जर्जर धार्मिक स्थल पर किए गए कब्जे को मुक्त कराने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को धार्मिक स्थल को लेकर कुछ लोग कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा को प्रार्थना पत्र देकर धार्मिक स्थल को दूसरे पक्ष से कब्जा मुक्त कराने की मांग की। वहीं, बिसौली तहसीलदार पर दूसरे पक्ष से मिलीभगत का आरोप लगाकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
फैजगंज बेहटा कस्बा के वार्ड सात में एक प्राचीन धार्मिक स्थल है। जिसे ग्राम देवता के नाम से जाना जाता है। लोगों का कहना है कि इस स्थल पर देवी-देवताओं के कई मठ बने हुए थे। जिनपर प्राचीन काल की कलाकृतियां बनी हुईं थीं। दो दशक पहले तक धार्मिक त्योहारों पर मठों की पूजा-अर्चना की जाती थी। लेकिन मठों की सही देखभाल नहीं हो सकी। इसके चलते मठ जर्जर हो गए। मठों को समीप में रह रहे दूसरे पक्ष के लोगों ने कब्जा कर निर्माण शुरू कर दिया।
गत दिनों पहले लोगों ने कब्जे की शिकायत बिसौली तहसील प्रशासन से की थी। मामला संज्ञान में आने पर तहसीलदार जांच करने के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि तहसीलदार ने दूसरे पक्ष के लोगों का ही पक्ष सुना। इससे एक समुदाय के लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और बरेली मंडल की आयुक्त को भी तहसीलदार के खिलाफ शिकायतीपत्र भेजा है।
मंगलवार को लोग कलक्ट्रेट सभागार पहुंचे। यहां उन्होंने डीएम से मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन डीएम किसी जरूरी बैठक में थी। उनकी अनुपस्थिति में लोगों ने एडीएम वित्त एवं राजस्व को ज्ञापन सौंपकर धार्मिक स्थल को कब्जा मुक्त कराने की मांग की। वहीं, तहसीलदार के खिलाफ भी जांचकर कार्रवाई की मांग की। एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव शर्मा ने इस मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन देने वालों में भगवान स्वरूप, आशीष, शिशुपाल तिवारी, हिमांशु सक्सेना, शुभम पाराशर, राजेंद्र कश्यप, बृजलाल मिश्रा, उमेश गुप्ता,मोहित गुप्ता, अतुल कुमार समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।