स्कूल परिसर में कार्यशाला में कक्षा नर्सरी से नवीं तक छात्र और छात्राओं ने रोबोटिक मशीनों को बड़े करीब से देखा। ट्रेनर अभिज्ञान नरवारीया ने बताया कि आने वाले दिनों में रोबोट का इस्तेमाल बढ़ेगा। राबोटिक मशीनों का संचालन कैसे किया जाए और उनसे कौन-कौन से फायदे हैं, यह भी बच्चों को अभी से समझना शुरू कर देना चाहिए। ट्रेनर ने बच्चों को रोबोटिक मशीनों को जोड़ने के बारे में विस्तृत जानकारी दी। रिमोट प्रोग्राम चलाने की विधि भी बताई गई।
कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में स्कूल प्रबंधक नीलांशु अग्रवाल ने बताया कि प्रत्येक क्षेत्र में जरुरी कामकाज निपटाने के लिए रोबोटिक मशीनों को इस्तेमाल होने लगा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी इनका इस्तेमाल होने लगेगा। प्रधानाचार्य रवींद्र भट्ट ने बच्चों का मागदर्शन किया। कोआर्डीनेटर मीनाक्षी शर्मा ने कार्यशाला में शैक्षिक बिंदुओं पर भी जानकारी मुहैया कराई।