फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: मेघनाद ने किया शक्ति का प्रहार... मूर्छित हुए लक्ष्मण

विज्ञापन
उसावां में धनुष यज्ञ की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
विज्ञापन
बदायूं। अलापुर कस्बे व दबतोरी के गांव मुसिया नगला में चल रही रामलीला में लक्ष्मण शक्ति की लीला का मंचन किया गया। लीला के दौरान युद्धभूमि में जब लक्ष्मण पर मेघनाद का बस न चल सका तो उसने शक्ति बाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया।
विज्ञापन


कलाकारों ने बुधवार को हुई रामलीला में दिखाया कि सुलोचना महल में है और मेघनाद का इंतजार कर रही है। जब उसे पता चलता है कि मेघनाद युद्ध भूमि में जाने से पूर्व महल में आ रहे हैं तो वह थोड़ा डर जाती है और पति की दीर्घायु की कामना करती है। इसके बाद दोनों के बीच सुंदर प्रसंग का मंचन किया गया।
वहीं लक्ष्मण शक्ति में दिखाया गया कि मेघनाद जब छल-कपट से भी लक्ष्मण को पराजित नहीं कर पाता है तो वह हनुमान की आड़ में युद्ध करने का आरोप लगाता है। लक्ष्मण हनुमान को दूसरे स्थान पर जाकर युद्ध करने को कहते हैं। हनुमान दूसरी जगह चले जाते हैं। तभी मेघनाद शक्ति बाण से लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है और लक्ष्मण को मरा हुआ जानकर युद्ध भूमि से चला जाता है।
विज्ञापन

हनुमान लक्ष्मण को मूर्छित अवस्था में लेकर रामादल जाते हैं। वहां कोहराम मच जाता है। इसके बाद सुषेण वैद्य की मदद से संजीवनी बूटी का पता चलता है, जिले लेकर हनुमान आते हैं। बूटी के प्रयोग से लक्ष्मण को होश आ जाता है। इस मौके पर कमेटी के पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।


धनुष यज्ञ, परशुराम और लक्ष्मण संवाद की हुई लीला
उसावां। कस्बे की सब्जी मंडी बाजार में चल रही श्रीरामलीला महोत्सव में पांचवें दिन धनुष यज्ञ व परशुराम-लक्ष्मण संवाद की लीला का मंचन किया गया। मधुबनी बिहार के कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर समा बांध दिया।


कलाकारों ने दिखाया कि राजाओं ने शिव धनुष को उठाने का काफी प्रयास किया। किंतु वे उसे हिला भी न सके। यह देख राजा जनक दुखी हो गए। प्रभु राम ने गुरु की आज्ञा पाकर तथा सभी को नमन कर ज्यों ही धनुष उठाने का प्रयत्न किया तो वह तीव्र ध्वनि के साथ टूट गया। ढोल नगाड़े बजने लगे, देवगण पुष्पवर्षा करने लगे। तभी भगवान परशुराम वहां आ पहुंचे और क्रोधित हो जनक से बोले।
हे राजन, ये कैसा शोर गुल है। लक्ष्मण क्रोधित हो बोले-आप जैसे मुनि को क्रोध शोभा नहीं देता। धनुष पुराना था, उठाने के प्रयास में ही टूट गया। उधर, सीता जी ने प्रभु राम के गले में जयमाल डाल दी। संवाद

उसावां में धनुष यज्ञ की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद

उसावां में धनुष यज्ञ की लीला का मंचन करते कलाकार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें