फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीपीई किट स्वीकृत, वेंटीलेटर और पल्स ऑक्सीमीटर का इंतजार

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। शासन ने अन्य प्रांतों और जिलों फंसे लोगों को उनके जिलों में पहुंचाने के निर्देश प्रशासन को दिए। हालांकि इन लोगों को संबंधित जिलों में क्वारंटीन व संदिग्ध लगने पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने के निर्देश दिए। ऐसेे में जिले में आइसोलेशन वार्ड में बेड की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। ऐसे में राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहले बने 20 बेड के आइसोलेशन वार्ड में 80 और बेड का इजाफा किया गया। साथ ही कॉलेज प्रशासन ने नए बेड के अनुसार सामान की डिमांड लिस्ट शासन को भेजी है। इसमें ऑक्सीजन सिलिंडर, पीपीई किट, इनफॉर्मर थर्मामीटर की मांग स्वीकृत हो गई है। अब वेंटीलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर जैसे जरूरी संसाधनों के साथ कॉलेज में लेवल-3 की लैब बनाने के प्रस्ताव को शासन से अनुमोदन का इंतजार है।
विज्ञापन

दरअसल, लॉकडाउन की वजह से कोरोना को फैलने से काफी हद तक रोका जा सका है। हालांकि इस दौरान संदिग्ध लोगों के सैंपल लेकर उनकी लगातार जांच कराई जा रही थी। ताकि संक्रमितों का पता लगते ही उनका इलाज किया जा सके। लेकिन लैब की संख्या कम होने और सैंपल की संख्या ज्यादा होने पर जांच में देरी हो रही है। इससे स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को काफी परेशानी हो रही, इसको देखते मुख्यमंत्री ने नए मेडिकल कॉलेजों में लैब बनाने के निर्देश दिए। ताकि लैब की संख्या में इजाफा होने पर जांच जल्दी हो सकेगी। इसके तहत मुख्यमंत्री ने बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में लेवल-3 की लैब बनाने की बात कहीं। 10 अप्रैल को जानकारी मिलने के बाद 11 अप्रैल को जगह चिह्नित करते हुए कॉलेज प्रशासन ने पूरी रिपोर्ट निर्धारित बिंदुओं पर शासन को भेज दी। अब शासन से अनुमोदन मिलने का इंतजार किया जा रहा है।
कोविड-19 की वजह से प्रदेश में लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। भारत सरकार की वेबसाइट कोविड-19 के अनुसार अभी तक प्रदेश मेें 3216 संक्रमित लोग मिल चुके हैं। जिसमें से 1761 अभी एक्टिव केस है और 1387 संक्रमित लोग ठीक हो चुके हैं। हालांकि प्रदेश में 66 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आकर अपनी जान गवां चुके हैं।
विज्ञापन

लखनऊ होती है कोरोना संदिग्ध के सैंपल की जांच
जिले में अभी तक 16 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। हालांकि इनमें से 13 संक्रमित ठीक भी हो गए हैं। फिलहाल जनपद में अभी तक कोरोना संक्रमण की जांच करने के लिए कोई लैब नहीं है। ऐसे में यहां से शुरुआत में कोरोना संक्रमण से संबंधित जांच करने के लिए सैंपल अलीगढ़ भेजे जाते थे। लेकिन बाद में यह जांच लखनऊ लैब से होने लगी है। हालांकि 21 अप्रैल से बरेली के आईवीआरआई में जांच होने की बात कही गई, लेकिन बाद में बरेली से सैंपल लेने से मना कर दिया।
15 संदिग्ध हो चुके हैं भर्ती
राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब 100 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें अभी तक 15 संदिग्धों को भर्ती किया जा रहा है। हालांकि जांच में उनकी कोरोना की पुष्टि नहीं हुई। जिसके बाद में उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया गया।
16 पॉजिटिव में 13 हुई सही
जनपद में अभी तक कुल 16 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिसको बरेली में भर्ती किया गया है। इनमें से 13 लोग ठीक हो चुके हैं। जिन्हें घर भेज दिया गया है। हालांकि इस बीच में शहर के पास के एक गांव की महिला को बरेली की प्राइवेट लैब ने पॉजिटिव दिखाया था। हालांकि सरकारी जांच में वह निगेटिव निकली।
10 दिन तक का है स्टॉक
राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार उनके यहां पर अगर एक साथ 100 मरीज आ जाए, तो उनके पास अभी 10 दिन का स्टॉक पर्याप्त है। जिसमें उनके पास 500 पीपीई किट, एक हजार मास्क, एक हजार जोड़ी ग्लब्स, 800 सैनिटाइजर की बोतल उपलब्ध हैं।
शासन के निर्देश पर कॉलेज में 100 बेड को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। कॉलेज में अभी 10 दिन के लिए पर्याप्त सामान उपलब्ध है। कुछ सामान की जरूरत है, उसकी डिमांड शासन से की है। कॉलेज में लेवल-3 की लैब बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। वहां से अनुमोदन का इंतजार है। - डॉ. आरपी चौधरी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें