पंचायत चुनाव के चलते लागू आचार संहिता के कारण नर्स, वार्ड ब्वाय आदि कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी नहीं हो सकती। इसलिए अन्य सरकारी अस्पतालों में विभिन्न संस्थाओं के जो कर्मचारी काम कर रहे हैं, उन्हीं से काम चलाया गया। ओपीडी तैयार है। इंमरजेंसी और आपरेशन थिएटर भी एक हफ्ते में तैयार हो जाने की संभावना है। तैयारियां तो 30 सितंबर को मेंडिकल कॉलेज में चिकित्सा शुरू किए जाने के हिसाब से की जा रही हैं। लेकिन मेडिकल उपकरण और फर्नीचर आदि की पूर्ति को देखते हुए इसे नवरात्र तक बढ़ाया गया है।
20 चिकित्सकों की नियुक्ति, हार्ट का डॉक्टर नहीं
मेडिकल कॉलेज के लिए सर्जन, नेत्र विशेषज्ञ, ईएनटी, हड्डी रोग विशेषज्ञ समेत 20 डॉक्टर नियुक्त हो चुके हैं। बाकी अभी और डॉक्टर नियुक्त किए जाने हैं। खास बात यह है कि बदायूं में हार्ट के इलाज को कोई सुविधा पहले न थी और अब मेडिकल कॉलेज का प्रारंभ होगा तो भी हृदयरोग विशेषज्ञ नहीं होगा। फिलहाल इसके लिए कोई नियुक्ति नहीं हो सकी है। हालांकि आगे इस संबंध में बड़ी संभावनाएं हैं।
मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा की सभी तैयारियां हो चुकी हैं। नवरात्र तक इसका शुभारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए 20 चिकित्सक नियुक्त हो चुके हैं।
- डॉ. नीरज यादव, नोडल अधिकारी, मेडिकल कॉलेज
वर्जन-
ओपीडी तैयार हो चुकी है। आप्रेशन थियेटर, इमरजेंसी आदि का काम अंतिम चरण में है। फर्नीचर पहुंचने वाला है। जल्दी ही सभी काम पूरे हो जाएंगे।
- फकीरचंद, सहायक अभियंता, राजकीय निर्माण निगम