बदायूं। जिले में हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों की संख्या अधिक है। इनके कारणों को जानने के लिए मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की टीम ने शोध शुरू कर दिया है। इसके लिए वह मरीजों की हिस्ट्री देख रहे हैं।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहायक प्राचार्य डॉ. शिवम कामथन ने बताया कि कम्युनिटी मेडिसिन में पीजी का कोर्स शुरू किया गया है। तीन सीटों पर छात्र-छात्राओं ने दाखिला लिया है। इसमें डॉ. रितिका टंडन, डॉ. शफीक, डॉ. मोहम्मद एजाज हैं। उनको शोध करना है। इसमें से डॉ. रितिका आयुष्मान भारत योजना, डॉ. शफीक रोड सेफ्टी और डॉ. मोहम्मद एजाज हेपेटाइटिस बी और सी के कारणों पर शोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शोध के लिए मरीजों की हिस्ट्री देखी जाएगी। उनसे कई तरह के सवाल पूछे जाएंगे। इसमें 12 से 15 सवाल शामिल हैं। इन सवालों के जवाब आने के बाद निष्कर्ष निकाला जाएगा।
इकट्ठा किया जाएगा हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों का डाटा
हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इसके कारणों को जानने के लिए डॉ. मोहम्मद एजाज ने शोध शुरू कर दिया है। वह जिला अस्पताल में आने वाले हेपेटाइटिस के मरीजों का डाटा इकट्ठा कर रहे हैं। इसके बाद वह मरीजों का साक्षात्कार करेंगे।
जिले में 3500 है सक्रिय मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2024 में हेपेटाइटिस बी और सी के 210 मरीज मिले थे। फरवरी में यह संख्या 230 हो गई। मार्च में 248, अप्रैल में 252, मई में 345, जून में 330, जुलाई में 355, अगस्त में 338, सितंबर में 338, अक्तूबर में 328, नवंबर में 290, दिसंबर में 326 मरीज सामने आए। जनवरी 2025 से जून तक करीब एक हजार मरीज सामने आए हैं। इसमें निजी अस्पतालों में इलाज कराने वालों का आकड़ा शामिल नहीं है। जुलाई से अब तक 210 मरीजों के सैंपल लखनऊ भेजे जा चुके हैं। कुल सक्रिय मरीज 3500 हैं।