बदायूं ही नहीं आसपास के इलाकों का ड्रीम प्रोजेक्ट 545 करोड़ के मेडिकल
कॉलेज के निर्माण में यकायक तेजी आ गई है। मेडिकल कॉलेज के निर्माण का
जिम्मा राजकीय निर्माण निगम के पास है। प्रोजेक्ट ऑफिसर एसबी रस्तोगी ने
इसके निरीक्षण के साथ ही निगम के ठेकेदारों को निर्माण कार्य में तेजी लाने
पर फिर जोर दिया है। इससे पूर्व जनरल मैनेजर पीके मित्तल भी काम की
समीक्षा कर चुके हैं। प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री रस्तोगी ने बताया कि कॉलेज की
मेन बिल्डिंग और अकादमिक भवन मार्च तक पूरा हो जाना है। ताकि अप्रैल से
ओपीडी शुरू हो सके। बाकी बिल्डिंग का निर्माण जल्दी ही पूरा होगा। इसके लिए
मशीनों की संख्या बढ़ाई दी गई है।
सांसद धर्मेंद्र यादव के प्रयास से
545 करोड़ की लागत से बन रहे मेडिकल कॉलेज को आसपास क्षेत्र का ड्रीम
प्रोजेक्ट माना जाता है। बेसमेंट का काम पूरा हो चुका है। सर्वाधिक कठिनाई
इसी काम में आती है। इसके ऊपर तेजी से निर्माण शुरू हो गया है। हॉस्पीटल और
अकादमिक बिल्डिंग का ग्राउंड फ्लोर पूरा होने वाला है। चार मंजिला इस भवन
निर्माण को मशक्कत तेज हो गई है। 165 मीटर लंबे और 125 मीटर चौड़े बेसमेंट
पर लिंटर पड़ चुका है। मेन बिल्डिंग का प्रमुख भाग मार्च में पूरा कर लिया
जाएगा। इसके साथ ही अप्रैल में मेडिकल कॉलेज का स्टाफ काम करने लगेगा। बाकी
काम चलता रहेगा। ओपीडी चालू हो जाएगी।
लखनऊ के आर्किटेक्ट ने दिया है मॉडल
लखनऊ
के आर्किटेक्ट ने मेडिकल कॉलेज का जो मॉडल दिया, वह बेहद रमणीक है। कॉलेज
के दोनाें गेट और सड़कें भी आकर्षक होंगी। मेडिकल कॉलेज जिला ही नहीं आसपास
के इलाकों में बेहद खूबसूरत डिजाइन का और रमणीक होगा।
मेडिकल
कॉलेज का बेस तैयार हो चुका है। अब आगे का काम आसान होगा। काम तेजी से हो
इसके लिए मशीनें और उपकरण बढ़ा दिए गए हैं। - एसबी रस्तोगी, प्रोजेक्ट
मैनेजर