बदायूं। रविवार सुबह 102 एंबुलेंस के ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) और पायलट (चालक) की सूझबूझ से गर्भवती महिला ने सकुशल एक बच्ची को जन्म दिया। ईएमटी और पायलट महिला को ही लेने गांव गए थे, लेकिन रास्ते में उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। इसलिए एंबुलेंस को रास्ते में रोककर उन्होंने डिलीवरी कराई। फिलहाल महिला को उघैती के स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।
उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम सराय बघौली निवासी चरन सिंह ने रविवार तड़के 102 एंबुलेंस को कॉल की। उनकी पत्नी मीना गर्भवती थी। उसको प्रसव पीड़ा हुई थी। इस पर ईएमटी दिनेश कुमार और पायलट मदनलाल एंबुलेंस लेकर उनके गांव पहुंचे। फिर गर्भवती मीना को लेकर जिला महिला अस्पताल के लिए चल दिए। यह बात सुबह करीब सात बजे की है। रास्ते में मीना को और तेज दर्द होने लगा। अभी अस्पताल काफी दूर था। इससे ईएमटी और पायलट ने सूझबूझ से काम लेते हुए एंबुलेंस को रास्ते में रोक लिया। इसके बाद में महिला की एंबुलेंस में ही नार्मल डिलीवरी हो गई। उसने एक बच्ची को जन्म दिया। उस समय महिला के पति और सास साथ थे। दोनों कर्मचारियों ने बच्ची को दादी के हाथों में सौंप दिया। इसके बाद महिला को उघैती के स्वास्थ्य केंद्र ले गए और उसे भर्ती करा दिया। अगर ईएमटी-पायलट ने सूझबूझ से काम नहीं लिया होता, तो महिला की हिम्मत टूट जाती। सकुशल डिलीवरी होने से परिवार में खुशी का माहौल है।