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बरसात में सड़क पर बहे मक्का मालिकों के अरमान

Sun, 02 Jul 2017 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो उझानी (बदायूं)।
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उत्पादकों ने सूखाने को सड़क पर डाल रखा है हजारों क्विंटल अनाज      
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मक्का की क्वालिटी भी प्रभावित होने की आशंका, रेट मिलेगा कम

राहगीरों की जान को जोखिम में डालकर सुखाने के लिए सड़क पर फैली मक्का का शनिवार रात हुई झमाझम बरसात ने हश्र बिगाड़ दिया। बिल्सी, भदरौल और कादरचौक रोड पर पड़ी हजारों क्विंटल मक्का भीग गई। उसकी क्वालिटी प्रभावित होने की आशंका के बीच किसानों को रेट कम मिलने का डर भी सताने लगा। बरसात ने उनके अरमानों पर भी पानी फेर दिया।
पिछले कई दिनों से सड़क पर पड़ी हजारों क्विंटल मक्का की वजह से यात्रियों की परेशानी से बेखबर मक्का मालिकों पर बरसात की मार की शुरूआत शनिवार रात में करीब एक बजे हुई। मौसम खराब होता देख हालांकि कई किसानों ने सड़क किनारे की मक्का के ढेर लगाकर उसके ऊपर तिरपाल भी डाल दिए थे, लेकिन तेज बरसात की वजह से तिरपाल भी दगा दे गए। सूत्रों की मानें तो अकेले बिल्सी-उझानी रोड पर ही सात-आठ सौ क्विंटल मक्का सुखाई जा रही थी। जबकि भदरौल और कादरचौक रोड पर भी किसानों ने सड़क के अधिकांश हिस्से को घेर रखा था। किसानों की मानें तो बिखरी पड़ी मक्का बरसात की वजह से बहकर सड़क किनारे खाईं में भी पहुंच गई। रविवार दोपहर बाद तक सड़कों पर मक्का को बटोरने का काम चला।      
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इसके अलावा घर-आंगन में सुखाई जा रही मक्का प्रभावित हुई है। किसानों को कहना है कि जल्द ही तेज धूप नहीं मिली तो मक्का के दाने सड़ने से रोका नहीं जा सकता। बता दें कि इस बार मक्का की बंपर पैदावार हुई है। उत्पादकों के चेहरों पर शुरू से ही मुस्कान थी लेकिन बरसात के बाद क्वालिटी प्रभावित होने को लेकर गल्ला व्यापारी कृष्ण कुमार वार्ष्णेय उर्फ बॉबी कहते हैं कि भीगी हुई मक्का का रेट करीब एक-डेढ़ सौ रुपया कम रहेगा। इसका नुकसान भी उत्पादकों को ही उठाना पड़ेगा।
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पंद्रह घंटे ठप रही बिजली सप्लाई
उझानी। शनिवार रात बरसात के बाद स्थानीय बिजली उपकेंद्र पर पानी भर गया। परिसर में करेंट फैलने की आशंका से परेशान कर्मचारियों ने ट्रांसमिशन सेंटर से पावर कट करा दी। सुबह में एसडीओ सीबी लाल समेत अवर अभियंता मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोपहर बाद तक हालात का आंकलन किया। पंपसेट के जरिए परिसर से बरसाती पानी को निकाला गया तब कहीं जाकर 15 घंटे बाद सप्लाई शुरू हो पाई। इसके चलते उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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