कादरचौक क्षेत्र के मिर्जापुर मिढ़ौली गांव के प्राथमिक विद्यालय में
बच्चों को सूजी का हलवा दिया गया था और बच्चों की संख्या भी रजिस्टर में
अधिक भरी गई थी। निरीक्षण के समय मौके पर सिर्फ 47 बच्चे ही उपस्थित थे
जबकि प्रधानाध्यापक श्यामलाल ने 176 बच्चों की उपस्थिति दर्ज कर रखी थी।
इसी तरह प्राथमिक विद्यालय बादुल्लागंज में मौके पर 59 बच्चे ही मौजूद थे
और रजिस्टर में अधिक बच्चे दर्शाए गए थे। इसी ब्लाक के बेहटा डम्बर गांव के
प्राथमिक विद्यालय में निरीक्षण के दौरान जांच करने पर पता चला कि
विद्यालय में सितंबर माह से ही एमडीएम नहीं बन रहा है। विद्यालय में साफ
सफाई की व्यवस्था भी बेहद खराब हो रही थी। प्रधानाध्यापक आसिम ने बताया कि
मुझे अभी दो दिन पहले ही विद्यालय का चार्ज मिला है और आज चाबियां मिली
हैं। मोहम्मदगंज गांव के जूनियर विद्यालय 12.50 बजे ही बंद मिला और
ग्रामीणों से पूछने पर पता चला कि अक्सर विद्यालय समय से पहले ही बंद हो
जाता है। विद्यालय में बाबूराम प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात हैं जो
विद्यालय में एमडीएम भी मेन्यू के से हिसाब से नहीं बनवाते और जल्दी अवकाश
कर विद्यालय में ताला लगाकर चले जाते हैं।
निरीक्षण के दौरान जिन
विद्यालयों में एमडीएम नहीं बन रहा और मीनू के हिसाब से बच्चों को भोजन
नहीं दिया जा रहा है। उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है बीएसए को
निरीक्षण के रिपोर्ट दे दी गई है।
-हिना खान, एमडीएम जिला समन्वयक