वजीरगंज ब्लाक क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में नौनिहालों के साथ शिक्षा और मिडडे मील के नाम पर खिलवाड़ हो रहा है। प्राथमिक विद्यालय भवानीपुर इसका जीता जागता उदाहरण है। मिडडे मील खाते समय विद्यालय भवन में कुत्तों की भरमार हो जाती है। बच्चों के आगे रखी प्लेटें आवारा कुत्ते चाट लेते हैं। कभी किसी बच्चे को काट भी सकते हैं। यही नहीं सहायक अध्यापकों की अनुपस्थिति को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल खड़े किए हैं। शिकायत के लिए जिन अधिकारियों के नंबर स्कूल कीं दीवार पर लिखे हुए हैं, उनमें चालाकी के साथ कोई न कोई एक नंबर मिटा दिया गया है ताकि कोई शिकायत न कर पाए।
नए शैक्षिक सत्र को कुछ ही समय ही बीता है आगे क्या होगा कोई नहीं जानता। स्कूलों को खुले कुछ ही दिन बीतें है कि सहायक अध्यापक अभी से मनमानी करने पर उतारू हैं। बिना प्रार्थनापत्र दिए गायब रहने लगे हैं। पिछले दिनों यहां मिडडेमील में तहरी बनाई जा रही थी। उसमें चावल, हल्दी व नमक ही नजर आया। भगोने में मात्रा से कहीं अधिक पानी रखा गया था। जब बच्चे मिडडे मील खाने लगे तो तमाम आवारा कुत्ते आ पहुंचे। बच्चे डर से हटे तो उनकी प्लेटे चाटने लगे। बच्चों ने कुत्तों को हटाने का प्रयास किया लेकिन कुत्ते भी उन पर गुर्राने लगे। बच्चे पानी डालकर हटाने का प्रयास भी कर रहे थे। जब कुत्ते नहीं हटे तब प्रधानाध्यापक अवधेश निकल कर आए और कुत्तों को दौड़ाकर हटाया। सहायक अध्यापक नदारद थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि उनके स्कूल में दो सहायक अध्यापक सुशील कुमार और रामवीर हैं, जिसमें रामवीर अनुपस्थित चल रहे हैं। सुशील कुमार के पेट में दर्द हो रहा था दवा लेने बगरैन गए हैं । ग्रामीणों ने बताया कि दोनों में से कोई अध्यापक स्कूल नहीं आते। सुशील कुमार प्रधानाध्यापक के भाई है । अकेले इंचार्ज प्रधानाध्यापक अवधेश ही से काम चल रहा है। यहां बच्चों के भविष्य के साथ खिलबाड़ हो रहा है। मगर, शिक्षा विभाग का कोई अधिकारी ध्यान नहीं देता। एनपीआरसी दिनेश सक्सेना ने बताया कि दोनो सहायक अध्यापकों ने उन्हें अनुपस्थित रहने की कोई सूचना नहीं दी है ।