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व्यवस्थाएं अधूरी, एमसीआई टीम नाखुश

Wed, 13 Jan 2016 08:49 PM IST
अमर उजाला, बदायूं
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बुधवार को दूसरे दिन मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने को अहम भूमिका निभाने वाली एमसीआई की टीम कॉलेज में निरीक्षण किया बाद में बैठक कर अपनी वापसी कर ली। इन दो दिनों में टीम को यहां के अधिकारियों ने पूरी तरह संतुष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन कई मायनों पर टीम संतुष्ट नहीं दिखी। हालांकि टीम को आगे की सभी तैयारियों के बारे में विस्तार से बताया गया। इसमें मेडिकल कॉलेज के लिए फेकल्टी, आवास, अस्पताल की बिल्डिंग, मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट, लैब आदि पर नाखुशी का इजहार किया, तो जिम्मेदार अधिकारियों ने आगामी तैयारियों की जानकारी दी। टीम के दो दिनी दौरे ने यहां चिकित्साधिकारियों की नींद उड़ा दी। मेडिकल कॉलेज के नोडल अधिकारी डॉ. नीरज यादव ने टीम को फैकल्टी समेत अन्य जानकारियां दीं और आगे होने वाली बाकी तैयारियां पूरी करने का भरोसा दिलाया।
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यहां बतादें कि एमसीआई टीम में पुणे (महाराष्ट्र) के डॉ. एसपी रॉव, कोलकाता के डॉ. श्यामल कुमार बनर्जी और रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से डॉ. पूजा शामिल रहीं। वीडियोग्राफी करके टीम पूरा रिकार्ड अपने साथ ले गई है। बताया गया है कि एक पखवाड़ा में टीम की रिपोर्ट भी आ जाएगी। अनुमान है कि निरीक्षण में मिलीं कुछ खामियों को दूर करने को टीम दिशा निर्देश दे सकती है।   
निरीक्षण के दूसरे दिन प्राचार्य डॉ. एसके शर्मा,  सीएमओ आरडी तिवारी, सीएमएस डॉ. शशि कुमार अग्रिहोत्री के अलावा राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर एसबी अग्रवाल, सहायक अभियंता फकीरचंद्र आदि से भी टीम ने पूछताछ की है।
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सांसद भी मिले एमसीआई की टीम से
बदायूं। खास प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार द्वारा भेजी गई एमसीआई टीम से मुलाकात की। राजकीय मेडिकल कॉलेज की इस पिछड़े क्षेत्र के लिए महती जरूरत के बारे में जनहितकारी बताया और सभी प्रकार से संतुष्ट करने का प्रयास किया। यहां बता दें कि सांसद की बहुउद्देशीय परियोजना में राजकीय मेडिकल कॉलेज उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने टीम को संतुष्ट करने का पूरा प्रयास किया। सांसद जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे, तो गुनेरा वाजिदपुर के तमाम किसान भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। ये किसान सांसद से अपने बच्चों को मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाए जाने की मांग करने लगे। यहां बता दें कि इस गांव के अधिकतर किसानों ने मेडिकल कॉलेज को अपनी जमीन दी हैं।
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