प्राइमरी स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाते हुए इंग्लिश मीडियम की तर्ज पर शिक्षा देने के लिए चलाई जाने वाली पायलट योजना खटाई में पड़ती नजर आ रही है। सत्र चालू होने के बाद भी अब तक न ही चयनित स्कूलों में इन्हें तैनात किया गया है। न ही कार्ययोजना को लेकर तैयारी ही की गई है। विभागीय जानकारों की मानें तो किसी भी प्रकार का प्रोत्साहन, इंक्रीमेंट न मिलने के कारण शिक्षक इसमें रुचि भी नहीं दिखा रहे हैं। लिहाजा यह योजना परवान चढ़ने की बजाय गर्त में जाती नजर आ रही है। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि जल्द ही इन्हें स्कूलों में संबद्ध कर दिया जाएगा।
कई महीनों पहले इस योजना को शुरू करने के आदेश जारी हुए थे। विभाग ने पहले शहर के दो स्कूलों का चयन कर भेजा था। बाद में बदलकर एक देहात क्षेत्र का नवादा प्राइमरी स्कूल और एक शहर का पुलिस लाइन स्कूल का चयन कर शासन को भेजा गया था। बाद में इसमें शिक्षकों को रखने के लिए प्रक्रिया शुरू कराते हुए आवेदन मांगे गए थे। विभाग की मानें तो नौ आवेदन ही आए, वहीं नगर क्षेत्र का एक भी आवेदन नहीं आया। जो आए उनका चयन कर लिया गया है। चार दिन की ट्रेनिंग भी मुहैया करा दी गई है, लेकिन सत्र शुरू होने के बाद 15 दिन बीतने के बाद भी अभी तक स्कूलों में नहीं भेजा जा सका। बताते हैं कि शिक्षक इसमें जाना ही नहीं चाहते हैं। उनका कहना है कि न ही कोई इंक्रीमेंटेशन है, न ही प्रोत्साहन। ऐसे में वह मेहनत क्यों करें। जिला समन्वयक गौरव सक्सेना बताते हैं कि चयन कर लिया गया है। जल्द ही स्कूलों में भेजा जाएगा।
एबीआरसी चयन की प्रक्रिया भी अटकी
बदायूं। रिक्त पदों के सापेक्ष हुई एबीआरसी परीक्षा के बाद चयन प्रक्रिया भी अभी तक पूरी नहीं की गई है। जबकि, इसे भी तीन महीने का समय बीतने को है। डीसी सक्सेना का कहना है कि इसी सप्ताह चयन प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।