बदायूं। मार्च क्लोजिंग को लेकर सरकारी कार्यालयों से लेकर बैंकों तक कर्मचारी काम में जुटे रहे। देर रात तक वित्त व कोषाधिकारी कार्यालय में काम होता रहा। कर्मचारियों के वेतन, एरियर और योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में बजट भेजा गया।
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से हर साल कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च होने वाले बजट का आवंटन किया जाता है। एक अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष में पूरा लेखा-जोखा तय किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में भी योजनाओं के लिए बचे बजट को खपाने की कवायद वैसे तो पखवाड़े भर से चल रही थी, लेकिन अंतिम दिन गुरुवार को युद्ध स्तर पर काम चला। विकास भवन, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, डीआईओएस, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों में बची रकम को खर्च करने के लिए अधिकारी से लेकर कर्मचारी दिन भर दफ्तर से लेकर बैंक के चक्कर काटते रहे।