स्वास्थ्य केंद्र पर उचित व्यवस्था न होने से कई लोग झोलाछाप की शरण में
ब्लॉक कैली में अनेक लोग बुखार की चपेट में आ गए हैं। कुंवरगांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र पर स्टाफ की मनमानी और दवाइयों की किल्लत होने की वजह से गांव के लोगों को झोलाछाप की शरण में जाना पड़ रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि इस संबंध में सूचना दिए जाने के बाद भी अब तक सेहत महकमे ने यहां सुध नहीं ली है।
कैली में तीन दिन पहले बुखार का प्रकोप शुरू हुआ। बुखार ने धीरे-धीरे गांव के कई लोगों को गिरफ्त में ले लिया। बीमार हुए लोगों में रामबाबू (28) पुत्र खेमराज, अनीता (18) पुत्री फूल सिंह, अवनेश (24) पुत्र सुरेश, संतोष (20) पुत्र जसवंत, रूपेंद्र (14) पुत्र रामवीर, प्रेमवती (65) पत्नी दान सिंह, अमित (12) पुत्र मुनीश पाल, रजनी (11) पुत्री संजीव, सुमित (17) पुत्र मुनीश पाल, दीपक (25) पुत्र रामपाल शामिल हैं। गांव के लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र जाने पर उनको दवाइयां नहीं मिलतीं। डॉक्टर का घंटों इंतजार करना होता है। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष भी पनप रहा है।
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बजबजा रहीं नालियां, जगह-जगह गंदगी के ढेर
कुंवरगांव। कैली गांव में बुखार फैलने की मुख्य वजह भयंकर गंदगी होना है। गांव में सफाई न होने से नालियां बजबजा रहीं हैं। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जलभराव होने से मच्छरों का भी प्रकोप है। सफाई कर्मचारी की गांव के लोगों ने कई बार शिकायत की। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे गांव के लोगों में रोष है।
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संक्रामक रोगों से निपटने को तैयार नहीं स्वास्थ्य विभाग
बदायूं। संक्रामक रोगों का प्रकोप शुरू हो चुका है। गौर करने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग अब तक संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है। कहा जा रहा है कि प्रत्येक सीएचसी और पीएचसी पर एक-एक टीम बना दी गई है। एक टीम मुख्यालय पर भी बनाई गई है। हालांकि, यह टीमें कहीं नजर नहीं आ रहीं। जिन गांवों में संक्रामक रोगों का प्रभाव है वहां भी यह टीमें नहीं पहुंच रहीं।