बदायूं। पति से विवाद होने के बाद पत्नी मायके में रहने लगी। इसी बात की गुस्से में दामाद ने अपनी सास की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ सक्सेना ने आरोपी को दोषी करार दिया है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी घटना के बाद से जेल में ही बंद है। अब जीवन भर जेल की सलाखों के पीछे ही उसे रहना पड़ेगा। उझानी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गंज शहीदा के रहने वाले असलम ने 28 दिसंबर 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसने अपनी बेटी का निकाह मोहल्ला अयोध्यागंज के रहने वाले नाहिद पुत्र जाहिद के साथ की थी। पति-पत्नी में विवाद हो गया तो बेटी मायके में आकर रहने लगी। 28 दिसबंर की शाम को करीब छह बजे मेरी पत्नी तनवीर मोहल्ले में ही नगला से दूध लेकर घर आ रहीं थी।
रास्ते में आकिल की आरा मशीन के पास मेरा दामाद नाहिद मिल गय और गाली देने लगा। विरोध करने पर पत्नी पर चाकू से हमला कर दिया।
आस पास के लोगों ने शोर मचाया तो आरोपी मौके से भाग गया। सूचना पर पुलिस व परिवार के लोग मौके पर पहुंच गए। गंभीर हालत में तनवीर को राजकीय मेडिकल में भर्ती कराया गया। तीन जनवरी को उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने मामले को हत्या की धारा में तरमीम करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। सोमवार को न्यायाधीश ने एडीजीसी सुधीर मिश्रा की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार दिया। उसको आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जेल से नहीं छूट सका आरोपी, हो गई सजाः सास की हत्या के आरोप में नाहिद 2022 से ही जेल में है। सोमवार को सुनवाई के दौरान उसको जेल से कोर्ट में लाया गया।