बदायूं। किशोरी को फुसलाकर ले जाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट कक्ष तीन के न्यायाधीश ऋषि कुमार ने दोषी करार दिया है। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि का ई-स्कीम के अनुसार विधिक सेवा प्राधिकरण निर्णय करेगी।
उसहैत के एक गांव मेंं रहने वाले व्यक्ति ने 14 फरवरी 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी 17 साल की बेटी पत्नी के साथ 11 फरवरी 2015 को मंदिर पर प्रसाद चढ़ाने गई थीं। शाम पांच बजे घर वापस आ रही थी कि कस्बा उसैहत में तीन लोगों ने जबरन बेटी को कार में डाल लिया। बाद में पता लगा कि राजपाल और राकेश, नर सिंह बेटी का अपहरण कर ले गए हैं।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पांचवें दिन किशोरी को ढूंढ लिया। उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। जहां उसने कहा कि राजपाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोपी राजपाल के खिलाफ ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। बाकी दो के नाम घटना की जांच में सामने नहीं आा पाए थे। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद राजपाल को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
किशोरी से दुष्कर्म, दोषी को 20 साल की कैद
किशोरी को फुसलाकर ले जाने बाद उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो एक्ट कक्ष तीन के न्यायाधीश ऋषि कुमार ने दोषी करार दिया है। उसे 20 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसपर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव मेंं रहने वाले व्यक्ति ने छह सितंबर 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका भाई और बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बड़नौमी का रहने वाला सोनू उघैती की पपड़ फैक्टरी में एक साथ काम करते थे। उसका घर पर आना-जाना था। दोस्त होने की वजह से उसकी 14 साल की बहन से उसकी बात होने लगी। इसी का फायदा उठाकर वह छह सितंबर को बहन का बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया।
तलाश किया लेकिन उनका सुराग नहीं लगा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता को ढूंढ लिया। उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। जहां उसने कहा कि सोनू ने उसकी बिना मर्जी के दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म की धारा की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। सोमवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद सोनू को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।