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Budaun News: जानलेवा हमले में दोषी को पांच साल की कैद

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बदायूं। जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश सुयश प्रकाश श्रीवास्तव ने आरोपी को दोषी करार दिया है। उसे पांच साल की कैद व दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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संभल जिले के थाना धनारी के गांव नगला चर्तुभानपुर निवासी विजयपाल ने नौ अगस्त 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि चुनावी रंजिश के चलते गांव के ही सोनपाल व पप्पू ने घर में घुसकर उसको बंधक बना लिया और जाति सूचक गाली देने लगे। दोनों ने जान से मारने की नियत से तमंचे से फायर किया, लेकिन तमंचा चल नहीं सका।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलित करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। विचारण के दौरान आरोपी पप्पू की मौत हो गई। शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद आरोपी सोनपाल को पांच साल की सजा सुनाई है।
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दहेज हत्या में पति को दस तो ससुर व जेठ को आठ-आठ साल का कारावास
- आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का लगाया जुर्माना
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। पत्नी की गला दबाकर हत्या करने के मामले में पति समेत तीन आरोपियों को फॉस्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश मिर्जा जीनत ने दोषी करार दिया है। उन्होंने पति को दस साल की कैद तो ससुर और जेठ को आठ-आठ साल कैद की सजा सुनाई है। तीनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मद नगर सुलरा के रहने वाले राजिक अली ने 21 अगस्त 2020 को कादरचौक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी गुड़िया का निकाह कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव जलालपुर के रहने वाले यूनिस के साथ किया था। बुलेट की मांग कर बेटी को प्रताड़ित करने लगे। इसी को लेकर 21 अगस्त 2020 को यूनिस ने भाई शमशाद व पिता इरशाद ने बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी।
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद विवेचना एसआई अनिरुद्ध सिंह को सौंपी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलित करते हुए आरोपियों को जेल भेज दिया। तीनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई। तब से मामला न्यायालय में चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन करते हुए तथा अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद पति यूनिस को दस साल तो जेठ इरशाद व ससुर इरशाद को आठ-आठ साल की सजा सुनाई है।
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