बदायूं जिले में मक्का के खेत में किशोर से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश नीरज कुमार गर्ग ने आरोपी गुलशाद को दोषी करार दिया है। उसे 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की धनराशि पीड़ित को देने का आदेश दिया है।
हजरतपुर थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले व्यक्ति ने एक जून 2024 को बेटे से दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि शाम 6:30 बजे उसका 13 वर्षीय बेटा खेत में मक्का रखवाली के लिए गया था। वहां गुलशाद उर्फ गुदयला कमल गया। उसके हाथ में दरांती थी। उसने बेटे की गर्दन पर दरांती रखकर उसे डराया धमकाया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
ग्रामीणों ने बचाई थी जान
बेटे की चीख पुकार सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बेटे की जान बचाई। शोर सुनकर वह भी वहां पहुंच गया और बेटे ने अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। गुलशाद को पकड़ने का प्रयास कर रहे थे कि वह धमकी देते हुए दरांती मौके पर छोड़कर भाग गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोपी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। शनिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपों में दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई है।