बदायूं। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट नीलांजना की कोर्ट ने जबरन गाड़ी में ले जाने और बंधक बनाकर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त बबलू निवासी हेमई, थाना दौरीघाट, जिला मऊ को दोषी करार देते हुए दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पीड़िता के पिता ने थाना वजीरगंज में एक मार्च 2019 को तहरीर देकर बताया था कि अभियुक्त बबलू तीन अन्य अभियुक्तों में रामवक्श, दुर्गपाल व इनके साले मंजेश के साथ उसकी 17 वर्षीय पुत्री को 11 फरवरी 2019 की शाम करीब 4 बजे बहलाकर अपने साथ ले गए थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। इसके बाद विवेचना कर कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया। अन्य की नामजदगी झूठी पाई गई। इसके बाद कोर्ट में केस की सुनवाई शुरू हुई।
पीड़िता ने कोर्ट में गवाही दी कि बबूल अपनी बहन के घर गांव आया था। उनका घर मेरे घर के पड़ोस में है। उसने मुझे फोन कर बुलाया। वह बाहर आई तो जबरदस्ती गाड़ी में बैठा कर ग्राम हेमई ले गया। उसके घर में उसके परिजन भी थे। वहां बबलू ने मुझे कमरे में बंद रखा। 20 दिन तक बंद रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पता लगने पर पिता पुलिस के साथ पहुंचे और छुड़ाकर ले आए। कोर्ट में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि पीड़िता और उसके भाई के बयान अलग हैं। कोर्ट ने गवाहों, साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त बबलू को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को दोषी को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई। कोर्ट ने अधिरोपित अर्थदंड की धनराशि अपील की अवधि व्यतीत होने के बाद पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया।