सिद्धपीठ नगला मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास मुमुक्षु कृष्ण ने कहा कि संसार मोह माया का एक जाल है, जिसमें फंसकर मनुष्य असली और नकली का अंतर भूल जाता है। मनुष्य मायापति को भूलकर माया के चंगुल में फंस जाता है। वह मनुष्य माया के चक्कर में दुखों को भी अपना लेता है। कथा व्यास ने अहंकार से दूर रहने की कथा सुनाते हुए कहा कि सतयुग में सभी राजा महाराजाओं का पतन अहंकार की वजह से हुआ। कथा के दौरान गुरुचरण मिश्र, कामेश पाठक, आयुषी गौड़, अमित मोहन आदि मौजूद रहे।
उधर, लोक निर्माण परिवार सामाजिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक समिति की ओर से लोक निर्माण विभाग कार्यालय में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास गोपाल कृष्ण ठाकुर ने भक्त ध्रुव की कथा को सुनाया। कहा कि संसार में केवल दो लोग ईश्वर से मिला सकते हैं, एक तो मां और दूसरा गुरु। इसी की वजह से भक्त ध्रुव का ईश्वर से मिलन हो गया। इस दौरान मानव शर्मा, एक्सईएन अनिल मिश्रा, राजीव राठौर, रेखा, महाराज सिंह, किताब सिंह, अवनीश, अवधेश, कुलदीप, रूबी शर्मा, मुन्नी देवी, सोमेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।