सरकारी सस्ता गल्ला की दुकानों पर मिलने वाले राशन पर भी माफियागीरी चल रही है। दबंग कोटेदारों ने फर्जी अंत्योदय और बीपीएल कार्ड बनवा रखे हैं। एक कोटेदार ने तो हद ही कर डाली। उसने अपने बेटे के नाम ही दो अंत्योदय कार्ड बनवा लिए। साथ ही दर्जनों बीपीएल कार्ड ऐसे भी चल रहे हैं, जो रहते ही नहीं हैं। फिर भी इन राशन कार्ड पर वितरण नियमित रूप से किया जा रहा है। इन प्रभावशाली कोटेदारों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हो पा रही है, जबकि राशनकार्ड धारकों के अलावा प्रधान भी शिकायत कर चुके हैं।
समरेर ब्लाक के एक प्रधान रामवीर ने बताया कि उनके गांव की कोटेदार ने अपने बेटे के नाम से दो अंत्योदय राशनकार्ड बनवा लिए हैं। एक ही व्यक्ति के दो राशन कार्ड में मां के नाम अलग-अलग दर्शाया गया है। इसी प्रकार एहीद हसन पुत्र सूखे और अख्तरी पत्नी महाजउद्दीन आदि के नाम पर बने राशन कार्डधाकर गांव में ही नहीं रहते हैं। इसके अलावा गांव के टिंकन पुत्र राजाराम, वहीद हसन पुत्र सूखे, मिट्ठू पुत्र सूखे, बसरुद्दीन पुत्र नसरुद्दीन सहित करीब 15 लोगों के बीपीएल राशनकार्ड के साथ ही एपीएल कार्ड भी बनाए गए हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि गांव के अन्य गरीबों का राशन मारा जा रहा है। कहा कि कोटेदार की पहुंच ऊपर तक होने की वजह से अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। एसडीएम ओपी तिवारी का कहना है कि इस मामले में शिकायत प्राप्त हुई है। जल्द ही जांच कराई जाएगी। कोटेदार पर लगाए गए आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।