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हमारे शिवालय ः महाशिवरात्रि पर विशेष ‘रसलिंग’ का पूजन करेंगे श्रद्धालु

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मंदिर में स्थापित शिवलिंग। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। शहर में उसावां रोड स्थित श्री सहस्रधाम गौरीशंकर देवालय श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। शहर के इस शिवालय में शिवलिंग पारे का बना हुआ है जिसे रसलिंग के नाम से जाना जाता है। महाशिवरात्रि पर यहां काफी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इस बार भी आयोजन की भव्य तैयारी की जा रही है।
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गौरीशंकर मंदिर यूं तो शहर के नए मंदिरों में शुमार है पर यहां की बड़ी मान्यता है। मंदिर की स्थापना वर्ष 2000 में स्व. रामशरण रस्तोगी ने की थी। फिलहाल उपहार रस्तोगी यहां संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मंदिर के मुख्य पुजारी कृष्णा नेपाली मूल के हैं। वह कई साल से यहां पांडित्य कर्म कर रहे हैं। पुजारी कृष्णा के मुताबिक मंदिर को जिस खास शिवलिंग (रसलिंग) के लिए जाना जाता है वह पारे व सोने से बना बताया जाता है और देश में ऐसा दूसरा शिवलिंग केवल हरिद्वार में ही है। पुजारी बताते हैं कि ऐसा रसलिंग काठमांडू नेपाल में सबसे पहले था। वहां के पशुपतिनाथ मंदिर की तर्ज पर ही गौरीशंकर देवालय में भी पूजा पाठ होता है। मान्यता है कि इस रसलिंग के स्पर्श, पूजन से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। व्यवस्था में जुटे अवनीश मिश्रा ने बताया इस बार एक मार्च को महाशिवरात्रि पर्व है। हमेशा की तरह भीड़ जुटने की संभावना है। मंदिर पर सेवादार भी पुलिस प्रशासन का सहयोग कर व्यवस्था बनाएंगे। संवाद
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